माइनिंग में सेफ्टी सर्वोपरि, आईआईटी (आईएसएम) में पांच दिवसीय ईडीपी का समापन
डीजे न्यूज, धनबाद: माइनिंग सेक्टर में टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन के साथ-साथ सेफ्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर देते हुए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में “माइन इलेक्ट्रिकल ड्राइव्स टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी चैलेंजेज” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) का समापन हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में माइन इलेक्ट्रिकल ड्राइव्स, एनर्जी एफिशिएंसी और आधुनिक सेफ्टी चैलेंजेज पर विस्तार से चर्चा हुई।
वैलिडिक्टरी फंक्शन की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर एवं हेड प्रो. सुजीत कुमार विश्वास चीफ गेस्ट थे। आईआईईएसटी शिबपुर के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं आईसीईपीई-2026 के जनरल चेयर प्रो. अतनु बनर्जी गेस्ट ऑफ ऑनर थे। आईआईटी (आईएसएम) के डिप्टी डायरेक्टर एवं डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर (एचएजी) प्रो. शरत कुमार दास कार्यक्रम के पैट्रन थे।
डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के हेड प्रो. कार्तिक चंद्र जाना ने विभाग की विभिन्न एकेडमिक एवं रिसर्च एक्टिविटीज और चल रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।
जॉइंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रदीप कुमार साधु ने ईडीपी के कोर्स कंटेंट की जानकारी देते हुए आधुनिक माइनिंग में वायरलेस पावर टेक्नोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई टेक्नोलॉजी के उपयोग से माइनिंग ऑपरेशंस को अधिक एफिशिएंट और सेफ बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथियों ने माइनिंग सेफ्टी को इस सेक्टर की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रोडक्शन बढ़ाना नहीं, बल्कि ऑपरेशंस को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना भी होना चाहिए।
कार्यक्रम की एक खास उपलब्धि प्रतिभागी एग्जीक्यूटिव्स द्वारा दिया गया फीडबैक रहा। प्रतिभागियों ने ईडीपी को बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया तथा भविष्य में भी इस तरह के अधिक एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करने की जरूरत जताई।
प्रो. शरत कुमार दास ने आईआईटी (आईएसएम) की विभिन्न इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटीज और पहलों की जानकारी दी। पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल ड्राइव्स, माइन मशीनरी, इक्विपमेंट हेल्थ मॉनिटरिंग, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, अर्थिंग एवं ग्राउंडिंग, फ्लेमप्रूफ सिस्टम्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आईओटी एवं एआई आधारित माइन मॉनिटरिंग, रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स और एक्सीडेंट केस स्टडीज जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो. निताई पाल ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। अंत में अतिथियों, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों और अन्य उपस्थित सदस्यों ने मिलकर राष्ट्रगान गाया।