किसानों के हित में सांसद ढुलू महतो का बड़ा कदम
निरसा-चंदनकियारी में कृषि विज्ञान केंद्र की मांग
डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद ढुलू महतो ने क्षेत्र के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सांसद ढुलू महतो ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र सौंपकर धनबाद के निरसा एवं बोकारो के सीमावर्ती चंदनकियारी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के मानकों के अनुरूप कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की स्थापना की मांग की है।
सांसद ढुलू महतो ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि धनबाद को सामान्यतः औद्योगिक एवं खनन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन निरसा और चंदनक्यारी का बड़ा भू-भाग कृषि पर आधारित है। उपजाऊ भूमि तथा बराकर एवं दामोदर नदियों की उपलब्धता के बावजूद यहां के किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, मृदा परीक्षण और कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन समय पर नहीं मिल पाता।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में धनबाद जिले का एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र बलियापुर में संचालित है, जो निरसा और चंदनक्यारी के किसानों के लिए काफी दूर है। दूरी के कारण किसानों को कृषि संबंधी आवश्यक सेवाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाता, जिससे वे आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से वंचित रह जाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए ढुलू महतो ने मांग की है कि निरसा अथवा सीमावर्ती चंदनक्यारी क्षेत्र में शीघ्र नया कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाए। साथ ही, मुख्य केंद्र के निर्माण तक एक कृषि विज्ञान उपकेंद्र प्रारंभ किया जाए तथा स्थानीय स्तर पर मिट्टी एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना भी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपने क्षेत्र में ही वैज्ञानिक कृषि सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
सांसद ढुलू महतो ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि मैथन एवं पंचेत बांध के तटीय क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से सब्जी उत्पादन, डेयरी, मत्स्य पालन, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसी कृषि आधारित गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र से पलायन को भी प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा।
ढुलू महतो ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से धनबाद एवं बोकारो के सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श और अनुसंधान आधारित खेती का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र में कृषि विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।