खनन 26 का उद्घाटन, सेफ और स्मार्ट माइनिंग पर फोकस

खनन 26 का उद्घाटन, सेफ और स्मार्ट माइनिंग पर फोकस

डीजे न्यूज, धनबाद : IIT (ISM) धनबाद के डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग और SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर की ओर से आयोजित वार्षिक टेक्नो-माइनिंग फेस्ट खनन’26 का शनिवार को पेनमैन ऑडिटोरियम में उद्घाटन हुआ। IIT (ISM) के सेंचुरी ईयर में आयोजित हो रहा खनन का यह 11वां एडिशन है। इस मौके पर माइनिंग एजुकेशन, इंडस्ट्री, सेफ्टी और नई टेक्नोलॉजी को लेकर एक्सपर्ट्स ने छात्रों के साथ अपने विचार शेयर किए।

DGMS धनबाद के डायरेक्टर जनरल और चीफ इंस्पेक्टर ऑफ माइंस आर. टी. मंडेकर चीफ गेस्ट थे। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के CMD डॉ. सतीश चंद्र झा और Epiroc Innovation and Technology Centre के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं जनरल मैनेजर चंदू राव गेस्ट ऑफ ऑनर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. एम. के. सिंह, डीन (फैकल्टी) एवं डायरेक्टर-इन-चार्ज, IIT (ISM) धनबाद ने की।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के छात्र, फैकल्टी, रिसर्च स्कॉलर्स और माइनिंग इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में माइनिंग सेक्टर में हो रहे बदलाव, सेफ्टी, क्रिटिकल मिनरल्स, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

चीफ गेस्ट आर. टी. मंडेकर ने IIT (ISM) धनबाद के सेंचुरी ईयर में खनन’26 आयोजित करने के लिए आयोजकों और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश में माइनिंग एजुकेशन और रेगुलेशन के लिए प्रमुख संस्थानों की मौजूदगी के बावजूद माइनिंग सेक्टर में कई गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में प्रोफेशनल्स को प्रोडक्शन के साथ सेफ्टी, पर्यावरण और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी को भी बराबर महत्व देना होगा।

उन्होंने कहा कि रिस्पॉन्सिबल माइनिंग के लिए एनवायरनमेंट, सोशल और गवर्नेंस यानी ESG स्टैंडर्ड्स पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने इंडियन माइनिंग कंपनियों को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई।

क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती जरूरत का जिक्र करते हुए मंडेकर ने कहा कि भारत के डेवलपमेंट और आत्मनिर्भरता के लिए इन मिनरल्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पब्लिक सेक्टर कंपनियां, प्राइवेट कंपनियां और ज्वाइंट वेंचर्स देश और विदेश में क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाएं तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मेटालिफेरस माइनिंग में भी काफी ग्रोथ की संभावना है।

माइनिंग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने सेफ और इनक्लूसिव वर्कप्लेस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्कफोर्स में ज्यादा डायवर्सिटी से प्रोफेशनल डिसिप्लिन और वर्क कल्चर को मजबूती मिल सकती है।

मंडेकर ने खनन’26 के तहत आयोजित होने वाले कलाकृति, डेंज़िनोमेनिया, प्लेसमेंट क्योर, खनन माफिया, माइनिंग ओलंपियाड, जनरल क्विज और निर्वाण जैसे इवेंट्स का जिक्र करते हुए छात्रों से इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और नए आइडिया सामने लाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि माइनिंग में नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए सिर्फ मशीन या सिस्टम खरीदना काफी नहीं है। इसके लिए पूरा सपोर्ट सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन, टेक्निकल एक्सपर्टीज और डेटा एनालिसिस की जरूरत होती है। हाईवॉल माइनिंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे एरिया में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रो. डी. पी. मिश्रा, फैकल्टी एडवाइजर, SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर और कन्वेनर, खनन’26, ने कहा कि खनन का मकसद छात्रों के अंदर मौजूद टैलेंट, क्रिएटिविटी, आइडिया और इनोवेशन को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि खनन इंडस्ट्री, एकेडेमिया और रिसर्च को एक प्लेटफॉर्म पर लाता है और माइनिंग को स्मार्ट, सेफ, सस्टेनेबल और इंटेलिजेंट बनाने की दिशा में छात्रों को सोचने का मौका देता है।

उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग के लंबे योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि यह IIT (ISM) के सबसे पुराने डिपार्टमेंट्स में से एक है। उन्होंने बताया कि 2011 में स्थापित SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर छात्रों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और ग्लोबल एक्सपोजर के लिए लगातार काम कर रहा है।

प्रो. बी. एस. चौधरी, HOD, डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग, ने कहा कि डिपार्टमेंट अपने 100 साल के सफर में बड़ी संख्या में टेक्निकल प्रोफेशनल्स तैयार करने के साथ इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से रिसर्च और इनोवेशन करता रहा है। उन्होंने कहा कि माइनिंग इंडस्ट्री में तेजी से टेक्नोलॉजिकल बदलाव हो रहे हैं और खनन’26 छात्रों को इन बदलावों को समझने और अपने आइडिया शेयर करने का प्लेटफॉर्म देगा।

प्रो. एम. के. सिंह ने कहा कि आज सूचना की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत सूचना को नॉलेज और नॉलेज को विजडम में बदलने की है। उन्होंने नेचुरल रिसोर्सेज के सही इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि सस्टेनेबिलिटी और सेफ्टी माइनिंग के लिए नॉन-नेगोशिएबल प्रिंसिपल होने चाहिए। उन्होंने छात्रों से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करने की अपील की।

चंदू राव ने कहा कि माइनिंग इंडस्ट्री में सेफ्टी सबसे ऊपर है। उन्होंने इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन को माइनिंग सेक्टर में हो रहे बड़े बदलावों का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी माइनिंग में तेजी से जगह बना रहा है। उन्होंने छात्रों से इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत कर नई टेक्नोलॉजी और उनके इस्तेमाल को समझने की अपील की।

डॉ. सतीश चंद्र झा ने कहा कि एनर्जी ट्रांजिशन के दौर में भी माइनिंग की जरूरत बनी रहेगी। क्लीनर एनर्जी की ओर बढ़ते समय क्रिटिकल मिनरल्स की मांग और उनकी माइनिंग भी बढ़ेगी। उन्होंने छात्रों से सिर्फ नॉलेज हासिल करने के बजाय उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता विकसित करने और प्रोफेशनल लाइफ में लगातार अपनी स्किल्स अपग्रेड करने की अपील की।

टेक्निकल इवेंट्स और इंडस्ट्री इंटरैक्शन

खनन’26 में टेक्निकल एक्टिविटीज, टेक्नो-माइनिंग कॉम्पिटिशन, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, स्किल बेस्ड सेशंस और एक्सपर्ट इंटरैक्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मकसद छात्रों को क्लासरूम लर्निंग से आगे ले जाकर उन्हें रियल माइनिंग चैलेंज और इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ना है।

उद्घाटन समारोह के बाद Epiroc Mining India Limited की ओर से एक स्पेशल इंटरैक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया। इसमें माइनिंग में नई टेक्नोलॉजी, सेफ्टी, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन पर चर्चा हुई।

खनन’26 को Epiroc, NTPC Mining Limited, NLC India Limited, Mahanadi Coalfields Limited और Jindal Steel का सपोर्ट मिल रहा है। इससे स्टूडेंट्स को माइनिंग इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स के साथ सीधे संवाद और नई टेक्नोलॉजी को समझने का मौका मिल रहा है।

वोट ऑफ थैंक्स देते हुए अंजलि राज, वाइस प्रेसिडेंट, SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर, ने कहा कि खनन सिर्फ कॉम्पिटिशन और इवेंट्स का प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह माइनिंग, अर्थ साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में रुचि रखने वाले युवाओं को एक साथ लाने का मौका देता है। उन्होंने कहा कि IIT (ISM) के सेंचुरी ईयर में आयोजित खनन’26 इस संस्थान की 100 साल की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

खनन’26 के जरिए छात्रों को सीखने, कॉम्पिट करने, नए आइडिया पर काम करने और माइनिंग इंडस्ट्री से जुड़ने का मौका मिल रहा है। साथ ही, यह फेस्ट IIT (ISM) धनबाद की माइनिंग एजुकेशन और रिसर्च की 100 साल पुरानी विरासत को नई टेक्नोलॉजी और नई पीढ़ी के आइडिया से जोड़ने का काम कर रहा है।

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