केंद्रीय मंत्री से मिला आदिवासी अधिकार मंच का प्रतिनिधिमंडल
झारखंड के आदिवासियों की ज्वलंत मांगों को लेकर सौंपा मांग पत्र
डीजे न्यूज, रांची: आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच से संबद्ध आदिवासी अधिकार मंच का प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार देर शाम नई दिल्ली में जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से उनके आवासीय कार्यालय में मिला। झारखंड के आदिवासियों की ज्वलंत मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा।
मुख्य मांगें
दुमका जिला के गोपीकांदर प्रखंड के अंतर्गत मौजा मोहलडाबर, कुंडा पहाड़ी और चिरुडीह गांव में वनभूमि पर वर्षों से बसे और पीढ़ी दर पीढ़ी खेती बारी करते आ रहे अति पिछड़ी जन जाति पहाड़िया पीवीटीजी समुदाय के लोगों को उनके कब्जे की भूमि का उनके दावे पत्रों के आधार पर यथा शीघ्र वन पट्टा देने और उन जमीनों का रैयती करण करना।
उक्त ग्राम सभाओं की अनुमति के बगैर खेती, मकान व पेड़ो की विधिवत उचित मुआवजा भुगतान, पहाड़िया समुदाय के अनुकूल जमीन पर पुनर्वासित और विस्थापितों व प्रभावित लोगों को नौकरी व रोजगार दिए बगैर नवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण और अवैध खनन पर रोक लगाने।
जनगणना प्रपत्र में आदिवासी/सरना धर्म का कॉलम लागू करने।
बैंक सहित विभिन्न सरकारी ऑफिसों में जहां भी धर्म का कॉलम होता है वहां भी आदिवासी/सरना धर्म का कॉलम लागू करने,
पेसा मोबलाइजरों की छंटनी का फैसला वापस लेने, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची के विस्थापितों को हटाने से पहले उनको पुनर्वासित करने और उनके मकानों का बकाया मुआवजा का भुगतान करने, पहाड़िया जैसी अति पिछड़ी जन जातियों के लिए अति पिछड़ी जन जाति आयोग का गठन करना शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल में मंच के राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा, छोटानागपुर के संयोजक प्रकाश टोप्पो,आदिम जन जाति राज्य संयोजक देवी सिंह पहाड़िया, आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद जितेन्द्र चौधरी और उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद बृंदा करात आदि शामिल थे।