कई पार्टियों ने किया लंबे समय तक शासन लेकिन नहीं बदली झारखंड की स्थिति : सुदेश महतो
जनसंवाद में सुदेश महतो ने सरकार पर बोला हमला, कहा-हर मोर्चे पर विफल रही झारखंड सरकार
महिलाओं के बीच बैठकर सुनी पीरटांड़ की समस्याएं, अपनी सरकार के कार्यकाल में बनी सड़कों और पुल-पुलियों का किया जिक्र
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : पीरटांड़ थाना क्षेत्र के जमुआ गांव स्थित मैदान में रविवार को आजसू पार्टी की ओर से जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो शामिल हुए। उन्होंने जमीन पर दरी बिछाकर ग्रामीणों के बीच बैठकर संवाद किया। सबसे पहले महिलाओं के बीच पहुंचकर उनसे पीरटांड़ की जमीनी हकीकत और समस्याओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने झारखंड की वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड सरकार ने जनता से जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। मंईयां सम्मान योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय सभी महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन राशि देने के समय कई महिलाओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरक्षण देने का वादा भी पूरा नहीं किया। युवाओं को रोजगार नहीं मिला और नौकरियों में अनियमितताओं के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि गुरुजी के सपनों का झारखंड बनाने के बजाय राज्य में शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी हावी है। झारखंड अलग हुए 25 वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान लंबे समय तक शासन करने वाली सरकारों के बावजूद राज्य में अपेक्षित बदलाव नहीं हो सका है।
सुदेश महतो ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गांव-गांव में सड़कें, पुल और पुलिया बनवाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में बनाई गई योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम में सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, देवशरण भगत, संजय मेहता, संतोष महतो, उत्कर्ष महतो, दीपक महतो, गुड्डू यादव, मेराज आलम, प्रकाश पंडित, केशव पाठक और मुकेश सोनार सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन टिकैत महतो ने किया। इस दौरान ग्रामीणों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।