…. कौन बैठे हैं हमारे मंदिर में शिव जी बैठे हैं क्या, क्यों आते हो हमारे पर्वत पर
जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ पर्वत में गैर जैन समाज के लोगों के आगमन का विरोध
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह जिले में जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ पर्वत और मधुबन…पारसनाथ पर्वत एक ऐसा पर्वत हैं, जिसे जैनियों का सबसे पवित्र और विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल माना जाता है और इसे श्री सम्मेद शिखर जी भी कहा जाता है। यह वही पर्वत है जंहा 20 तीर्थंकरों की निर्वाण भूमि है। मान्यता है कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों ने यहीं से मोक्ष प्राप्त किया है। इसी कारण ये जैनियों के लिए सबसे बड़ा तीर्थस्थल है। 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के नाम पर इस पहाड़ और जगह का नाम पारसनाथ पड़ा। पारसनाथ पर्वत हमेशा से सुर्खियों में रहता है, लेकिन सुर्खियों में सिर्फ़ इसलिए रहता हैं क्योंकि इस पर्वत पर झारखंड के आदिवासियों का अभी अपना दावा है और आदिवासी समाज के लोग अपने भगवान मरांग बुरु की भी पूजा इसी पर्वत पर करते हैं। यही कारण है कि इस पर्वत को लेकर हमेशा विवाद होते रहता है।
वैसे तो झारखंड सरकार ने इस पर्वत को टूरिस्ट पैलेस भी बनाने की घोषणा कर चुकी है जिसके बाद पूरे देश में जैन समाज के लोगों के द्वारा इसका विरोध शुरू हो गया। लेकिन इसके बावजूद इस पर्वत पर बड़ी संख्या में हर समुदाय के लोगों के आने-जाने का सिलसिला सालों भर लगा रहता है। इसी बात से जैन समाज के लोगों में आक्रोश हमेशा देखने को मिलते रहता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसके बार माहौल गर्म हो गया है।
दरअसल सोमवार को काफ़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ पारसनाथ पर्वत के मुख्य मंदिर (चोंटी) पर उमड़ी हुई थी। कई अलग-अलग राज्यों से जहां जैन समाज के लोगों की भीड़ थी, वहीं आम पर्यटक और छात्रों की भी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ की सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो गया। दरअसल कुछ छात्र पर्वत की मुख्य मंदिर के पास पहुंचे तो जैन समाज के कुछ लोगों ने इनका विरोध करना शुरू कर दिया और हंगामा मचाना शुरू कर दिया। जैन समाज के लोगों का कहना था कि ये पर्वत उनके भगवान की है। इस पर्वत पर ग़ैर जैन समाज के लोग क्यों आते हैं। क्या उनके किसी भगवान की मंदिर इस पर्वत पर है, जो गैर जैन समाज के लोग इस पर्वत में घूमने के लिए चले आते हैं और हमारे पर्वत को दूषित कर देते हैं। जैन समाज की एक युवती का वीडियो सबसे तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमे वह कह रही है की, कौन से भगवान बैठे हुए हैं इस पर्वत में, किसी भगवान का मंदिर है क्या, क्या भोले शिव जी बैठे हैं इस मंदिर में जो जय भोले नाथ का नारा लगाते हुए पर्वत पर चढ़ कर इसे दूषित कर रहे हैं। युवती और जैन समाज के लोगों के द्वारा एक साथ आक्रोश व्यक्त करने और हंगामा करने के बार कई युवक पर्वत से वापस लौट गए। लेकिन युवकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। युवकों का कहना है कि अगर इस पर्वत पर ग़ैर जैन समाज के लोगों के आने पर रोक है तो नीचे नो इंट्री का बोर्ड लगवा देना चाहिए। लेकिन युवकों के साथ किए गए इस बर्ताव के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।