कृषि विज्ञान केंद्रों का वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला शुरू
प्रसार गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
डीजे न्यूज, बलियापुर(धनबाद): झारखंड के कृषि विज्ञान केंद्रों की दो दिवसीय वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र, धनबाद में हुआ। कार्यशाला में 23 जिले के 23 कृषि विज्ञान केंद्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी. वी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर-अटारी, पटना तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. निरंजन लाल, अतिरिक्त निदेशक प्रसार शिक्षा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची रहे।
दोनों अतिथियों ने झारखंड में कृषि विकास को सुदृढ़ करने हेतु प्रसार गतिविधियों के प्रभावी नियोजन एवं क्रियान्वयन के महत्व पर बल दिया।
स्वागत भाषण देते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, केवीके धनबाद के डा. अनिल कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं केवीके के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान डॉ. डी. वी. सिंह ने सभी केवीके को निर्देशित किया कि वे ऑन-फार्म ट्रायल (OFT), फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का चयन एवं क्रियान्वयन किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार करें, जिससे इन गतिविधियों का प्रभाव अधिकतम हो सके।
प्रथम दिवस में केवीके देवघर, गोड्डा, गुमला, पलामू, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, खूंटी, कोडरमा एवं रामगढ़ द्वारा वार्षिक कार्ययोजना की प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस दौरान आगामी वर्ष के लिए प्रशिक्षण, OFT एवं FLD जैसी गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
यह कार्यशाला वार्षिक कार्ययोजना के अंतिम रूप देने पर केंद्रित है, जिसमें क्षेत्र-विशिष्ट एवं आवश्यकता-आधारित गतिविधियों के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ एवं नवाचार भी साझा किए।
कार्यक्रम का समापन डॉ. आदर्श कुमार श्रीवास्तव, वैज्ञानिक, केवीके धनबाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का दूसरा दिन शेष केवीके की प्रस्तुतियों एवं आगे की चर्चाओं के साथ जारी रहेगा।