झरिया के व्यापारियों ने उठाई हक की आवाज
बदहाल सड़कें, जाम और गंदगी से निजात दिलाने की मांग
डीजे न्यूज, धनबाद: झरिया जनजागरूकता समिति के बैनर तले व्यापारियों ने ‘झरिया को नरक बनने से बचाइए’ कार्यक्रम के तहत बुधवार को रणधीर वर्मा चौक पर अपनी पीड़ा और समस्याओं को सामने रखते हुए अपने हक की आवाज बुलंद की।
व्यापारियों ने कहा कि झरिया में व्यापार की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। कई दुकानदार ब्याज पर पैसे लेकर कारोबार चलाने को मजबूर हैं, जबकि कुछ दुकानों में दिनभर ग्राहकों का इंतजार करने के बावजूद बोहनी तक नहीं होती। जो ग्राहक बड़ी मुश्किल से खरीदारी के लिए झरिया पहुंचते हैं, वे भी बिजली और पंखे की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण निराश होकर लौट जाते हैं।
बदहाल सड़कें, जाम और गंदगी ने झरिया के व्यापार की कमर तोड़ दी है। सड़कों पर जाम के कारण लोग झरिया आने से कतराते हैं। टूटी नालियों का पानी सड़कों पर बहता है। जगह-जगह गंदगी और प्रदूषण ने आम जनजीवन को नारकीय बना दिया है। विडंबना यह है कि बाजार में खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं के लिए भी समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
व्यापारियों ने भावुक होकर कहा कि व्यापारी केवल अपना कारोबार नहीं चलाता, बल्कि रोजगार देता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। लेकिन जब बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो व्यापार कैसे बचेगा और परिवारों का भरण-पोषण कैसे होगा।
व्यापारियों ने जिला प्रशासन, नगर निगम, सांसद, विधायक, मेयर एवं संबंधित अधिकारियों से अपील की कि झरिया की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। बिजली, सड़क, नाली, जलनिकासी, जाम, सफाई और प्रदूषण की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए तथा महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि झरिया को केवल कोयले की कमाई का केंद्र नहीं, बल्कि आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और सुविधायुक्त शहर बनाया जाए।
कार्यक्रम में अनिल कुमार जैन, आलोक चटर्जी, राकेश पासवान, कार्तिक हाड़ी, घनश्याम सिंह, दीपराज, मुकेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।