जामताड़ा के 124 झारखंड आंदोलनकारी सम्मानित
डीजे न्यूज, जामताड़ा : समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड, रांची द्वारा चिन्हित जामताड़ा जिला के झारखण्ड आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया।
आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष, झारखण्ड विधानसभा रवीन्द्रनाथ महतो, उपायुक्त आलोक कुमार, झारखंड आंदोलनकारी एवं अन्य गणमान्य के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा मुख्य अतिथि अध्यक्ष झारखण्ड विधानसभा का पौधा, शॉल एवं प्रतीकचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सभी के सामूहिक प्रयास त्याग, संघर्ष एवं बलिदान के फलस्वरूप अलग राज्य झारखण्ड का निर्माण हुआ : अध्यक्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष झारखण्ड, विधानसभा रवीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि हमें गर्व है कि हम भी इसी आंदोलनकारी पृष्ठभूमि से हैं। सभी के सामूहिक प्रयास त्याग, संघर्ष एवं बलिदान के फलस्वरूप अलग राज्य झारखण्ड का निर्माण हुआ। उन्होंने जो लोगों के बीच में नहीं हैं, उनको भी नमन किया। उन्होंने इस आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के प्रति अपने श्रद्धासुमन को व्यक्त करते हुए कहा कि अलग झारखण्ड का सपना उनके नेतृत्व में साकार हुआ। इस आंदोलन में सभी के सामूहिक प्रयास से यह सफल हुआ। यह एक गौरवान्वित क्षण है, जिसमें आप सबों की अहम भूमिका रही। अलग झारखण्ड बनाने के दौरान विभिन्न चरणों में संघर्ष, त्याग एवं लगातार प्रयास किए गए, आंदोलन के दौरान हमारे साथी जेल यात्रा किए, लगातार संघर्षों के बाद हमें अपना झारखंड मिला। पूर्व के समय में झारखंड़ का अपना कोई विशिष्ट पहचान नहीं था, यहां के लोगों को दूसरे राज्यों में बहुत नीच दृष्टि से देखा जाता था, साथ ही राज्य अलग होने से पूर्व जो भी विकास योजनाएं बनती थी, वे वास्तविक स्थिति से इतर बनती थी, अधिकारी जमीनी हकीकत से अंजान होकर बनाते थे। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्षों का प्रतिफल है कि हमें झारखण्ड मिला। उन्होंने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में झारखण्ड लगातार विकास के मार्ग पर प्रगतिशील है।
झारखंड की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध नहीं है बल्कि यह वीरता, संघर्ष और आत्मसम्मान की धरती रही है
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि आज का यह अवसर पर हमारे इतिहास, पहचान एवं सामूहिक संघर्ष को नमन करने का अवसर है, उन्होंने सभी आंदोलनकारी के प्रति नमन करते हुए कहा कि झारखंड की अस्मिता, अधिकार एवं स्वाभिमान के लिए जीवन को समर्पित किया है। कहा कि आपका संघर्ष, त्याग एवं समर्पण सभी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। झारखंड की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध नहीं है बल्कि यह वीरता, संघर्ष और आत्मसम्मान की धरती रही है। यहां के लोग जल जंगल जमीन और अपनी संस्कृति के साथ सदियों पुराने रिश्ते में एक साथ रहे हैं। इसी पहचान और अधिकार की भावना से झारखंड आंदोलन को जन्म हुआ और लंबे संघर्ष के उपरांत झारखंड राज्य का निर्माण संभव हो सका। झारखंड का विकास तभी पूर्ण होगा जब हम विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और अपने पूर्वजों के संघर्ष को सम्मान देंगे। उन्होंने नई पीढ़ी को झारखंड आंदोलन के इतिहास से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास के नए आयाम खुल रहे हैं, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार, डिजिटल सुविधा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हम लोग आगे बढ़ रहे हैं, उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास को आगे बढ़ाया जाए। प्रशासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता के साथ एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार ने कहा कि आज का यह अवसर आप सबों के प्रति आभार प्रकट करने का है। आप जानते हैं कि झारखंड़ राज्य ये केवल भूखंड में एक राजनैतिक सीमा के अंदर नहीं बंधा है, बल्कि राज्य की अलग पहचान है। झारखंड हमें सिखाता है कि किस प्रकार अपने संस्कृति, प्रकृति एवं जीवनशैली को संतुलित करते हुए और विकास के साथ कैसे हक़ एवं तारतम्य में बनाते हुए देश, समाज एवं मानवता को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। आप लोगों के प्रयास से झारखंड राज्य अलग हुआ। हम सभी आपके आभारी हैं। इसके अलावा परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज एवं गणमान्य के द्वारा अपने विचार व्यक्त किए गए।
आयोजित कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष झारखण्ड विधानसभा रवींद्रनाथ महतो के द्वारा 124 सम्मानित झारखण्ड आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया साथ ही शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया गया एवं आभार प्रकट किया गया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, प्रभारी पदाधिकारी सामान्य शाखा पंकज कुमार रवि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सम्मानित झारखण्ड आंदोलनकारी एवं अन्य मौजूद रहे।