हुनर से रोजगार तक: साड़ी निर्माण सीखकर आत्मनिर्भर बनेंगी 30 महिलाएं
नाबार्ड और आइडिया संस्था की पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र के साथ खुले स्वरोजगार के रास्ते
डीजे न्यूज, जमुआ (गिरिडीह) : ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जमुआ प्रखंड के बेरहाबाद में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नाबार्ड के सौजन्य से आइडिया संस्था द्वारा स्वयं सहायता समूहों की 30 महिलाओं को साड़ी निर्माण का 20 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को प्रशिक्षण के दूसरे बैच का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में सभी प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
समारोह में नाबार्ड गिरिडीह के जिला विकास प्रबंधक हरिहरन सीवी ने कहा कि महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान साड़ी निर्माण की बारीकियां सीखीं और स्वयं साड़ियां तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रमाणपत्र के आधार पर महिलाओं का आर्टिजन कार्ड भी बनाया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण को रोजगार का माध्यम बनाकर अपना व्यवसाय शुरू करने की अपील की।
मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के जिला उद्यमी समन्वयक अविनाश कुमार ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र प्रशिक्षित महिलाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। जेएसएलपीएस के बीपीएम धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि हस्तकरघा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए जेएसएलपीएस प्रतिबद्ध है। महिलाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। दीपक कुमार ने भी महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।
आइडिया संस्था के प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। बेरहाबाद पंचायत की मुखिया सोनी कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी। स्वरोजगार से होने वाली आमदनी उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
प्रशिक्षण भागलपुर, बिहार के प्रशिक्षक विश्वनाथ शाह और सहायक प्रशिक्षक पिंटू कुमार ने दिया। कार्यक्रम में मुद्रिका देवी, सुनीता देवी, सुमित्रा देवी, हेमंती देवी, रविता देवी, मालती देवी, सोनी कुमारी, रेखा देवी, राधिका देवी, मीना देवी, कौशल्या देवी, रेणु कुमारी, लक्ष्मी देवी, रानी देवी, रिंकू देवी, पिंकी देवी, अनिता देवी, संजनी देवी और गुड़िया देवी सहित कुल 30 महिलाएं उपस्थित थीं।