हूल दिवस पर मुख्यमंत्री ने अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
डीजे न्यूज, रांची : हूल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और दमन के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब देश में शोषित और वंचित समाज के पास अन्याय के खिलाफ कोई रास्ता नहीं था, तब अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगना फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में जहां कहीं भी कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों का हनन होता है, वहीं से संघर्ष और परिवर्तन की नई शुरुआत होती है। इन वीर सपूतों का साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को वीरों की धरती यूं ही नहीं कहा जाता। इस भूमि का इतिहास त्याग, बलिदान और स्वाभिमान से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्रांति की लौ कभी बुझती नहीं, बल्कि समय-समय पर समाज को नई दिशा देने का कार्य करती है। उन्होंने राजघाट और इंडिया गेट पर जलने वाली अमर ज्योति का उल्लेख करते हुए कहा कि महान बलिदानियों की स्मृतियां सदैव जीवित रहती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हूल विद्रोह के अमर सेनानियों का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और उनके आदर्श समाज को न्याय, समानता और स्वाभिमान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।