बबलू आजाद की स्मृति में बस स्टैंड पर लगा कांवरिया सेवा शिविर
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह बस स्टैंड परिसर में स्वर्गीय बबलू आजाद की स्मृति में उनके पुत्र शिवम श्रीवास्तव उर्फ ‘शिवम आजाद’, बस स्टैंड के कर्मचारियों एवं उनके सहयोगियों के द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कांवरिया सेवा शिविर का आयोजन किया गया। सेवा और श्रद्धा की भावना से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में कांवरियों ने पहुंचकर सेवा का लाभ लिया।
शिविर में कांवरियों के बीच फल-मूल एवं शुद्ध पेयजल का निःशुल्क वितरण किया गया। लंबी यात्रा के बाद बस स्टैंड परिसर में पहुंचने वाले कांवरियों को सेवा शिविर के माध्यम से राहत और सुविधा प्रदान की गई। इस दौरान कांवरियों के बीच खुशी, उत्साह और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। शिविर में मौजूद लोगों ने पूरे सेवाभाव के साथ कांवरियों का स्वागत किया और उन्हें फल-मूल एवं पेयजल उपलब्ध कराया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी सेवा कार्य में सहभागिता निभाई और कांवरियों के बीच फल-मूल का वितरण किया। सेवा कार्य के दौरान ‘बोल बम’ के जयघोष और कांवरियों के उत्साह से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। सेवा शिविर में आने वाले कांवरियों ने भी इस पहल की सराहना की और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि सह पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव, गिरिडीह नगर निगम के डिप्टी मेयर सुमित कुमार, वरीय अधिवक्ता सह प्रदेश कांग्रेस सचिव अजय कुमार सिन्हा, पार्षद सरिता श्रीवास्तव, शशि सिन्हा, अधिवक्ता अमित कुमार सिन्हा, चंदन वर्मा, संतोष यादव, राजेंद्र सिंह, विकास यादव, निरंजन तिवारी, अजय तिवारी, प्रवीण सिन्हा, विकास हाड़ी, बबलू सिंह, विशाल, रोहित, राजा, राजेश एवं अंकित सहित कई गणमान्य लोग एवं सहयोगी उपस्थित रहे।
बताया गया कि यह सेवा शिविर प्रत्येक वर्ष शिवम आजाद, बस स्टैंड के कर्मचारियों एवं उनके सहयोगियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित किया जाता है। स्वर्गीय बबलू आजाद की स्मृति में आयोजित यह शिविर केवल कांवरियों को सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, श्रद्धा, सामाजिक सहभागिता और मानवीय संवेदना का संदेश भी देता है।
आयोजकों ने कहा कि कांवरियों की सेवा करना एक पुण्य कार्य है और इसी भावना के साथ हर वर्ष इस शिविर का आयोजन किया जाता है। उनका प्रयास है कि सावन के दौरान बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले कांवरियों को यात्रा के दौरान यथासंभव सुविधा और सहयोग मिल सके। सेवा और श्रद्धा की इसी परंपरा को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।