दुर्गारायडीह में लगा शिविर, वन पट्टा के लिए ग्रामीणों ने उठाई आवाज
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
डीजे न्यूज, टुंडी(धनबाद) : धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत सरकार द्वारा आदिवासी समुदायों के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए शुरू किया गया एक व्यापक और समयबद्ध मिशन है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना तथा 17 केंद्रीय मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ सीधे हर घर तक पहुंचाना है।
धरती आबा बिरसा जनभागीदारी अभियान के दूसरे चरण में कल्याण विभाग द्वारा 18 से 25 मई तक जिले के जनजातीय बहुल गांवों में शिविर लगाकर कमजोर जनजातीय समूह एवं अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों तक केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को टुंडी प्रखंड के रतनपुर पंचायत अंतर्गत बराकर नदी से सटे जनजातीय बहुल दुर्गारायडीह गांव के नया प्राथमिक विद्यालय में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों से बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। क्षेत्र में चल रहे मईया सम्मान योजना के सत्यापन को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति से शिविर में काफी रौनक रही।
वहीं दुर्गारायडीह गांव के सैकड़ों जनजातीय परिवारों ने प्रखंड कल्याण पदाधिकारी किशोर कुणाल से वन पट्टा नहीं मिलने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि उनका घर वन भूमि से घिरा हुआ है और पिछले वर्ष सभी लोगों ने वन पट्टा के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक किसी को पट्टा नहीं मिला। ग्रामीणों ने कहा कि वे भय के माहौल में जीवन जी रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार वन पट्टा आवेदन पर अंचल के राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अमीन की रिपोर्ट, सीओ के हस्ताक्षर तथा वन विभाग के फोरेस्टर के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। सिर्फ रेंजर का हस्ताक्षर बाकी है। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे वन पट्टा मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन कल्याण पदाधिकारी के आश्वासन से उन्हें फिर भरोसा जगा है।
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी किशोर कुणाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द से जल्द योग्य लोगों के बीच वन पट्टा का वितरण किया जाएगा।
शिविर में पात्र जनजातीय परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत पक्का घर, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU), आयुष्मान कार्ड, कौशल विकास केंद्र, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, किसान सम्मान निधि तथा छूटे हुए लोगों से पेंशन के आवेदन भी लिए गए।
शिविर में मुख्य रूप से स्थानीय मुखिया गरीबन बीबी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी किशोर कुणाल, पंचायत सचिव नीरज सिन्हा, राजस्व उप निरीक्षक मो शहाबुद्दीन, पंचायत सहायक तापस मुखर्जी, साबुद्दीन अंसारी, शहादत अंसारी, आजाद अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।