धनबाद के चहुंमुखी विकास के लिए जिला प्रशासन कृत संकल्पित : उपायुक्त
अर्श क्लिनिक रैंकिंग में राज्य में प्रथम व देश में तीसरे स्थान पर रहा धनबाद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मूल्यांकन में धनबाद को मिले 100 में से 100 अंक
6,464 सखी मंडल की बहनें बनी ‘लखपति दीदी’
सदर अस्पताल में 7 हजार से बढ़कर 14 हजार हुई ओपीडी सेवा
डीजे न्यूज, धनबाद: 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रणधीर प्रसाद वर्मा स्टेडियम में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य समारोह में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सबसे पहले परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के बाद उपायुक्त ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रीय गान गाया गया।
इस अवसर पर जिले वासियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने धनबाद जिले को पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक हितैषी प्रशासन देने के संकल्प के साथ जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विकासात्मक, सामाजिक और अवसंरचनात्मक उपलब्धियों का विवरण जारी किया।
नगर निगम एवं शहरी विकास पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त ने कहा कि शहर में जाम की समस्या से मुक्ति के लिए सड़कों के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर व फुट-ओवरब्रिज निर्माण के साथ-साथ श्रमिक चौक स्थित गया पुल अंडरपास के चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत ₹769.9 करोड़ की लागत से 192 एमएलडी क्षमता वाले 5 एसटीपी की स्वीकृति मिली है और प्रथम चरण का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मूल्यांकन में धनबाद शहर को 100 में से 100 अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं अमृत 2.0 में 3 प्रमुख तालाबों (बरमसिया, लोको, राजा तालाब) का सौंदर्यीकरण तथा 60 एकड़ में फैले ‘पम्पू तालाब’ के समग्र पुनर्जीवन हेतु रेलवे के साथ एमओयू किया गया है।
कचरा प्रबंधन व आवास पर कहा कि 125 टीपीडी क्षमता का सी एंड डी वेस्ट प्लांट तथा आमझार (बलियापुर) में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट निर्माणधीन है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक 1,268 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
संबोधन के दौरान उपायुक्त ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने हेतु 100 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए ₹5 करोड़ की 23 योजनाएं, तोपचांची में 41 बंद जलमीनारों में डीप बोरिंग तथा टुंडी में 500 घरों को जलापूर्ति से आच्छादित किया गया।
शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए 118 विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण की योजना स्वीकृत है। 38 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को एवं 1 डिलीवरी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है और 2,277 सहियाओं को किट उपलब्ध कराई गई हैं। 283 आंगनबाड़ी योजनाओं के तहत नए भवन निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य जारी हैं।
ग्रामीण आजीविका (जेएसएलपीएस) एवं महिला सशक्तिकरण के लिए आजीविका का विस्तार किया गया है। 1.48 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 13,048 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। जिले में 6,464 सखी मंडल की बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 5,822 लोगों को निशुल्क प्रशिक्षण एवं 2,429 को रोजगार मिला है। ‘फुलो झानो आशीर्वाद अभियान’ से 2,283 महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा गया।
उपायुक्त ने बताया कि 2,75,890 पेंशनधारियों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया गया। ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत 3,46,145 लाभुकों को जुलाई 2026 तक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जिले ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। जिसके तहत जिले का मैट्रिक में 95.84%, इंटर विज्ञान में 84.32%, वाणिज्य में 94.92% तथा कला में 97.40% परिणाम रहा।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार विस्तार कर रहा है। परिणामस्वरूप सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा 7 हजार से बढ़कर 14 हजार हुई। 80 से अधिक पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध है। अर्श क्लिनिक रैंकिंग में धनबाद राज्य में प्रथम और देश में तीसरे स्थान पर रहा।
अपने संबोधन के दौरान उपायुक्त ने झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 81 उच्च-जोखिम क्षेत्रों से 215 परिवारों का स्थानांतरण किया गया है। शिफ्ट हुए परिवारों को ₹50,000 शिफ्टिंग सहायता, ₹1 लाख लाइवलीहुड ग्रांट और ₹1 लाख रेंटल असिस्टेंस प्रदान किया जा रहा है।
बेलगड़िया टाउनशिप के फेज-5 में ₹82.90 करोड़ की लागत से 2,000 आवासों का निर्माण में 72% कार्य पूर्ण हो चुका है, ₹7.09 करोड़ से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट और 395 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं हैं। डीवीसी से स्थायी पाइपलाइन जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य मई 2028 निर्धारित है। विद्युत सबस्टेशन और 20-बेड के मॉडल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रगति पर है।
उपायुक्त ने खाद्य आपूर्ति, परिवहन एवं पंचायत सुदृढ़ीकरण के बारे में भी बताया। कहा कि राष्ट्रीय व राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत 20.48 लाख से अधिक सदस्यों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। ₹10 में धोती/लुंगी/साड़ी योजना और 19 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र सुचारू रूप से संचालित हैं। ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना’ के तहत 8 वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं। जिले की 55 पंचायतों में मॉडल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 111 अतिरिक्त पंचायतों में स्थापना का लक्ष्य है।
अपने संबोधन के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, परिवहन, राजस्व, आपूर्ति, कल्याण सहित अन्य विभागों की उपलब्धियां की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य समारोह में घनश्याम दुबे तथा एमेली बसु ने मंच का संचालन किया।
मुख्य समारोह में उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुनिल कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।