डीसी के नाम पर फर्जी WhatsApp अकाउंट, 20 हजार की साइबर ठगी
उपायुक्त रामनिवास यादव की पहचान का दुरुपयोग, अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज; प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाने और उसके जरिए साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े में खुशी रानी शर्मा से 20 हजार रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 12 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से लोगों को गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मामले में उपलब्ध भुगतान संबंधी साक्ष्यों और डिजिटल जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
### अनजान नंबर से आए संदेश तो रहें सावधान
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि उपायुक्त या किसी अन्य अधिकारी के नाम, फोटो अथवा पदनाम से आने वाले WhatsApp संदेशों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। यदि किसी अनजान नंबर से रुपये की मांग की जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कार्यालय से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करने के बाद ही कोई कदम उठाएं। बिना पुष्टि के किसी भी खाते में राशि हस्तांतरित नहीं करें।
प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने नाम और पहचान के दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी संदिग्ध अकाउंट की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या साइबर थाना को सूचित करने की अपील की गई है।### ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
जिला प्रशासन ने साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी अधिकारी की पहचान के नाम पर धनराशि मांगने वाले संदेशों की पहले जांच करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने और लोगों से अनुचित तरीके से पैसे मांगने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।