चित्रगुप्त महापूजा को भव्य बनाने का शंखनाद, अजय सिन्हा को मिली कमान
पूजा की पूर्व संध्या पर निकलेगी विशाल शोभायात्रा
डीजे न्यूज, गिरिडीह : भगवान श्री चित्रगुप्त की महापूजा को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को गिरिडीह वकालतखाना परिसर में केंद्रीय चित्रगुप्त पूजा समिति की बैठक में वर्ष 2026 के लिए समिति का पुनर्गठन किया गया। पूर्व मंत्री चंद्रमोहन प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अजय कुमार सिन्हा को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। साथ ही नई कार्यकारिणी और अलग कोष समिति का गठन करते हुए महापूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में समाज के वरिष्ठजनों और गणमान्य लोगों ने संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता तथा सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। निर्णय लिया गया कि महापूजा की पूर्व संध्या पर विशाल एवं आकर्षक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें समाज के सभी वर्गों के साथ युवाओं और महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
**नई कार्यकारिणी का गठन**
समिति में अभय सिन्हा और शिवेंद्र सिन्हा को सचिव बनाया गया है। उपाध्यक्ष के रूप में संजीव नाथ (ढुल्लू), बबलू सिन्हा (रंजीत सिन्हा), विनय बक्शी, राजेश राज (बंटी), विशाल आनंद और राजेश सिन्हा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंकू सिन्हा, चंदन सिन्हा, अमित सिन्हा और निशांत सिन्हा सह सचिव बनाए गए हैं। ज्योतिष कुमार सिन्हा कोषाध्यक्ष तथा सुनील कुमार सिन्हा सह कोषाध्यक्ष होंगे।
संरक्षक मंडल में पूर्व मंत्री चंद्रमोहन प्रसाद के साथ शंभुनाथ सहाय, प्रकाश सहाय, चुन्नू कांत, निरंजन प्रसाद और कृष्णकांत सिन्हा को शामिल किया गया है।
**पारदर्शी व्यवस्था के लिए अलग कोष समिति**
महापूजा और अन्य आयोजनों के लिए आर्थिक संसाधनों के संग्रह तथा पारदर्शी प्रबंधन के उद्देश्य से अलग कोष समिति गठित की गई है। इसमें अभय कुमार सिन्हा, सतीश कुंदन, ज्योतिष सिन्हा, चंदन सिन्हा और शिवेंद्र कुमार सिन्हा को शामिल किया गया है।
**समाज की एकजुटता पर दिया जोर**
नवमनोनीत अध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा ने समाज के वरिष्ठजनों और सदस्यों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की महापूजा आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। उनका प्रयास होगा कि समाज के सभी लोगों को साथ लेकर इस वर्ष के आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाया जाए।
बैठक में आयोजन की तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए 28 अक्टूबर को अगली बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। अंत में समाज के सभी लोगों से महापूजा और भव्य शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की अपील की गई।