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भारत को जानो’ प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के दो छात्रों ने प्रांतीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर लहराया परचम
संस्कारवान विद्यार्थी ही करेंगे सशक्त भारत का निर्माण’, स्वाति सिन्हा ने दिया अनुशासन का संदेश
डीजे न्यूज,गिरिडीह : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में मंगलवार को आयोजित प्रातःकालीन वंदना सभा में सप्तशक्ति संगम की जिला संयोजिका स्वाति सिन्हा ने विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार और विद्यालय के संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अनुशासन को जीवन में अपनाकर ही विद्यार्थी एक अच्छे नागरिक और राष्ट्र के जिम्मेदार सपूत बन सकते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वाति सिन्हा एवं वरिष्ठ आचार्या पृथा दीदी ने दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन कर किया। सामूहिक वंदना के बाद प्रभारी प्रधानाचार्य अजित मिश्र ने मुख्य अतिथि का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पृथा दीदी ने उन्हें अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में स्वाति सिन्हा ने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों के निर्माण का स्थान भी है। विद्यालय के मुख्य द्वार से ही प्रणाम करने की परंपरा बच्चों में विनम्रता और संस्कार का भाव विकसित करती है। उन्होंने कहा कि अनुशासन का वास्तविक अर्थ माता-पिता और गुरुजनों की अच्छी सीख को समझकर उसे अपने आचरण में उतारना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उपलब्धियों को भी सराहा गया। भारत विकास परिषद की ओर से बोकारो में आयोजित प्रांतीय स्तरीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में कक्षा अष्टम के छात्र अनमोल मिश्र और रामप्रसाद ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर दोनों विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, ट्रॉफी और कलम देकर सम्मानित किया गया।
प्रभारी प्रधानाचार्य अजित मिश्र ने कहा कि दोनों छात्रों ने अपनी मेहनत, लगन और भारत के गौरवशाली इतिहास के प्रति रुचि से विद्यालय को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मौके पर आचार्य राजीव सिन्हा, रमेश आचार्य, दुलारचंद आचार्य सहित कक्षा षष्ठ से दशम तक के विद्यार्थी एवं विद्यालय के समस्त आचार्य-दीदी उपस्थित थे।