बामनबाद में भोक्ता पूजा की धूम, नुकीले कांटों के बिछौने पर साष्टांग लेटे भक्तगण

बामनबाद में भोक्ता पूजा की धूम, नुकीले कांटों के बिछौने पर साष्टांग लेटे भक्तगण

डीजे न्यूज, पूर्वी टुंडी(धनबाद) : धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड के बामनबाद गांव में पारंपरिक लोक-आस्था का महापर्व ‘भोक्ता पूजा’ बड़े ही धूमधाम, हषोल्लास और विस्मयकारी अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक पूजा को देखने के लिए बामनबाद सहित आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूजा के मुख्य पुजारी मनोज बनर्जी द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाबा धर्मराज को समर्पित यह विशेष पूजा पूरे तीन दिनों तक चलती है, जिसमें श्रद्धालु बेहद कठिन नियमों का पालन करते हैं। पहले दिन श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया, जिसके बाद ‘पाट भोक्ता’ की विशेष पूजा-अर्चना के साथ इस महापर्व का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन यानी निर्जला एकादशी की शाम को बामनबाद गांव में भव्य ‘गाजन’ निकाला गया। गाजन के दौरान भक्तों का उत्साह और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त बाबा धर्मराज के दरबार में आकर सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यही वजह है कि यहां हर साल मन्नतधारियों की भारी भीड़ जुटती है। पूजा का सबसे मुख्य और हैरतअंगेज आकर्षण एकादशी की रात बीतने के बाद भोर में देखने को मिला है। रात भर चली विशेष पूजा-अर्चना के बाद भोर के प्रहर में मंदिर के ठीक सामने तीखे और नुकीले कांटों का बिछौना बिछाया जाता हैं। इसके बाद अनुष्ठान कर रहे भोक्ताओं द्वारा अदम्य साहस और अटूट आस्था का परिचय देते हुए खाली शरीर से उन कांटों पर साष्टांग दंडवत शयन किया जाता है। इस अलौकिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी श्रद्धालु अचंभित रह जाते हैं कांटों पर लेटने की इस चमत्कारी तरकीब और अंतिम पूजा के बाद इस तीन दिवसीय भव्य धार्मिक कार्यक्रम का विधिवत समापन होता है। पूजा को सफल बनाने में बामनबाद ग्रामवासियों की सराहनीय भूमिका रही।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top