बाबूलाल आज झंडा मैदान से भरेंगे हुंकार, फिर हेमंत-कल्पना का इंतजार
सुदिव्य सोनू की सीट पर सियासी संग्राम
दिलीप सिन्हा, राजनीतिक संवाददाता, देवभूमि झारखंड न्यूज, गिरिडीह : सूबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के दिवंगत होने से रिक्त हुए गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। इस उपचुनाव को लेकर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी बुधवार सुबह शहर के झंडा मैदान से चुनावी हुंकार भरेंगे। मौका है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा सह सेवा ज्योति यात्रा का। यह कार्यक्रम देशभर के 750 जिला केंद्रों पर हो रहा है, लेकिन गिरिडीह के लिए यह खास है, क्योंकि यहां विधानसभा उपचुनाव होना है। भाजपा के लिए यह उपचुनाव संजीवनी भी बन सकता है और मनोबल गिराने वाला भी। यही कारण है कि उपचुनाव की घोषणा तक नहीं हुई है, लेकिन बाबूलाल मरांडी ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। वे मंडल स्तर तक की बैठकों में शामिल होकर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे हैं।विधानसभा चुनाव में राज्य में मिली करारी शिकस्त से भाजपा और उसके कैडर लाख कोशिश के बावजूद उबर नहीं पा रहे हैं। जहां तक उपचुनाव का सवाल है तो हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री रहते जितने भी उपचुनाव हुए हैं, उनमें भाजपा को कभी सफलता नहीं मिली है। साथ ही गृह क्षेत्र होने के कारण बाबूलाल के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। बहरहाल बाबूलाल तो बुधवार को चुनावी बिगुल फूंक देंगे, लेकिन उसके बाद वोटरों और झामुमो समर्थकों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनकी पत्नी व झामुमो की स्टार लीडर विधायक कल्पना सोरेन का इंतजार रहेगा। इस उपचुनाव में झामुमो से दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है, वहीं भाजपा और जेएलकेएम से प्रत्याशी को लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं है। बहरहाल यहां झामुमो और भाजपा से प्रत्याशी जो भी हों, लड़ाई पिछले उपचुनावों की तरह बाबूलाल मरांडी और हेमंत-कल्पना की प्रतिष्ठा की ही होगी। सुदिव्य सोनू जिस तरह झामुमो के संकटमोचक और सोरेन परिवार के अति करीबी थे, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि हेमंत और कल्पना इस सीट पर उनकी पत्नी श्वेता शर्मा को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।