औद्योगिक संस्थान पर्यावरण मानकों का करें शत-प्रतिशत पालन : उपायुक्त रामनिवास यादव
डीजे न्यूज, गिरिडीह : उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। इसके संरक्षण के लिए प्रशासन, औद्योगिक संस्थानों तथा आम नागरिकों को समान रूप से अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) डिस्प्ले स्क्रीन लगाने, उसरी नदी के संरक्षण तथा सीसीएल एवं औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अवैध बालू खनन, डंपिंग, स्टोन माइंस एवं क्रशरों के संचालन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने, नालों की नियमित सफाई तथा दूषित जल के उपचार के बाद ही नदी में प्रवाहित करने पर जोर दिया गया। साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों को वाटर हार्वेस्टिंग, ट्रीटमेंट प्लांट के प्रभावी संचालन एवं औद्योगिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल एवं अन्य संस्थानों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा उत्सर्जित अपशिष्टों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण के संबंध में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी औद्योगिक इकाई कचरे का अनियंत्रित एवं अवैध डंपिंग न करे। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करें कि उत्पादन प्रक्रिया से निकलने वाले ठोस एवं अन्य अपशिष्टों का निस्तारण निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत स्थलों पर ही किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों एवं आसपास के क्षेत्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उद्योग अपने उत्सर्जित वेस्टेज के समुचित प्रबंधन एवं निष्पादन की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, IAS प्रशिक्षु, सभी अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह जिला, सभी अंचलाधिकारी, गिरिडीह जिला, वन विभाग, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीसीएल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।