आदित्य साहू की दोटूक के बीच गिरिडीह पहुंचेंगे सुदेश, आजसू की साख दांव पर
बिनोद बाबू-गुरुजी की धरती पर जनाधार तलाशेगी आजसू, भाजपा के साथ रिश्तों की भी होगी परीक्षा
दिलीप सिन्हा, राजनीतिक संवाददाता, देवभूमि झारखंड न्यूज, गिरिडीह : मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के कारण रिक्त हुई गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब तक झामुमो, भाजपा और टाइगर जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम की दावेदारी के बीच भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी भी इस सीट पर अपनी संभावनाएं तलाशने उतर रही है। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और गिरिडीह के आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी रविवार को पीरटांड़ प्रखंड के नावाडीह स्थित जमुआ मैदान में युवा संवाद सह जनसंवाद कार्यक्रम के जरिए मतदाताओं का नब्ज टटोलेंगे।
झामुमो की ओर से दिवंगत मंत्री की पत्नी श्वेता शर्मा की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। वहीं, भाजपा और आजसू ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा में टिकट के लिए आधा दर्जन से अधिक गंभीर दावेदार बताए जा रहे हैं।
भाजपा पर दबाव या खोई जमीन वापस पाने की कवायद?
बिनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन की राजनीतिक कर्मभूमि पीरटांड़ में सुदेश महतो की संभावित सक्रियता के सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं। सवाल है कि क्या आजसू सुप्रीमो अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश में हैं या फिर भाजपा पर दबाव बनाकर गठबंधन में अपनी अहमियत बढ़ाना चाहते हैं?
आजसू के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक कुर्मी वोट बैंक को वापस लाने की है। जयराम महतो की पार्टी के उभार से कुर्मी मतदाताओं के बीच नए राजनीतिक विकल्प की चर्चा तेज हुई है। इससे आजसू के सामने अपना जनाधार बचाने की चुनौती बढ़ गई है। दूसरी ओर, भाजपा की रणनीति भी चर्चा के केंद्र में है। आजसू की राजनीतिक जमीन कमजोर पड़ने की अटकलों के बीच भाजपा की नजर जयराम महतो की राजनीतिक ताकत पर होने की चर्चा है। वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में झामुमो-कांग्रेस-राजद और वाम दलों के गठजोड़ को चुनौती देने के लिए भाजपा नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाएं तलाश सकती है। ऐसे में गिरिडीह उपचुनाव आजसू के लिए अपनी प्रासंगिकता साबित करने का अवसर बन सकता है। लेकिन जेएलकेएम के प्रत्याशी की मौजूदगी में आजसू कुर्मी मतदाताओं को कितना अपने पक्ष में कर पाएगी, यह बड़ा सवाल है।
आदित्य साहू का दोटूक जवाब, भाजपा ही जीतेगी चुनाव
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने टुंडी में देवभूमि झारखंड न्यूज से बातचीत के दौरान गिरिडीह सीट से आजसू के चुनाव लड़ने की संभावना को खास तवज्जो नहीं दी। उन्होंने दोटूक कहा, “जिसे भी चुनाव लड़ने का शौक है, वह लड़ ले। यह उपचुनाव भाजपा ही जीतेगी।”
आदित्य साहू के इस बयान के बाद भाजपा-आजसू के संभावित समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है। अब देखना होगा कि सुदेश महतो और चंद्रप्रकाश चौधरी का जनसंवाद कार्यक्रम आजसू के लिए कितनी राजनीतिक जमीन तैयार करता है और उपचुनाव में पार्टी की रणनीति क्या आकार लेती है।