त्योहारों के साथ तैयारी भी रहे बरकरार, गोल ने दिया सफलता का मंत्र
दैनिक स्टडी शेड्यूल, रिवीजन एवं प्रैक्टिस को नियमित रूप से जारी रखें : बिपिन सिंह
दिनचर्या इस प्रकार निर्धारित करें कि नियमित पढ़ाई और रिवीजन के लिए पर्याप्त समय मिले : संजय आनंद
डीजे न्यूज, धनबाद : कोयलांचल में मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए भरोसेमंद व विश्वसनीय संस्थान गोल इंस्टीट्यूट द्वारा फेस्टिव सीजन के दौरान छात्रों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित रखने तथा उनकी तैयारी को निरंतर बेहतर बनान के उद्देश्य से मोटिवेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार मे छात्रों को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने, समय का सदुपयोग करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया गया।
संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक बिपिन सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान भी विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंन कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है और छोटी-छोटी लापरवाहिया भी बड़े लक्ष्य से दूर कर सकती हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने दैनिक स्टडी शेड्यूल, रिवीजन एवं प्रैक्टिस को नियमित रूप से जारी रखें। पढाई के साथ अन्य गतिविधियो के लिए समय निकालना जरूरी है, लेकिन इसस तैयारी प्रभावित नही होनी चाहिए।
गोल
धनबाद के केंद्र निदेशक संजय आनंद ने बताया कि मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमे निरंतर मेहनत, धैर्य और अनुशासन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या इस प्रकार निर्धारित करनी चाहिए कि नियमित पढ़ाई और रिवीजन के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
उक्त सेमिनार मे बचे हुए 6 महीन मे पूरी स्टडी प्लान बताई गई कि क्लास और टेस्ट का फायदा कैसे लेना है, टेस्ट प्रश्न पेपर का विश्लेषण कैसे करना है, निगेटिव मर्किंग से कैसे बचना है तथा अपनी कमियों को कैसे सुधार करना है। ऐस बहुत सारे गुढ रहस्य बताए गए जो सफलता के लिए आवश्यक है । सेमिनार के दौरान नियमित क्लास, क्लास टेस्ट, ऑल इंडिया टेस्ट, डाउट सेशन एवं डेली प्रैक्टिस पेपर के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी
उन्होंन कहा कि विगत 29 वर्षों में 20,000+ छात्र डॉक्टर बनकर देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और देश के लगभग हर मेडिकल कॉलेज में गोल के छात्र अध्ययनरत हैं। जबकि गोल धनबाद से विगत 25 वर्षों में देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजो मे यहां के छात्र ग्रुप मे मौजूद हैं। गर्व ये कि झारखण्ड, बिहार के जिला स्तर से ब्लॉक स्तर के हॉस्पिटल तक गोल के छात्र डॉक्टर के रूप मे मानवता की सेवा दें रहें है। यदि किसी छात्र का सपना डॉक्टर या इंजीनियर बनना है, तो गोल एक भरोसेमंद विकल्प सिद्ध हो सकता है। संस्थान का उद्देश्य केवल छात्रों को शैक्षणिक मार्गदर्शन देना ही नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित करना भी है। अंत में अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करें और इस दौरान पढ़ाई व मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखने में सहयोग करें