दुमका में एक साल से बिना वेतन के काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मी, श्रम अधीक्षक कार्यालय का घेराव

दुमका में एक साल से बिना वेतन के काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मी, श्रम अधीक्षक कार्यालय का घेराव

सरकार पर गरजी भाजपा, बोली-सड़क से सदन तक करेंगे आंदोलन

डीजे न्यूज, दुमका : दुमका जिले में आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को पिछले एक वर्ष से वेतन एवं मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने के विरोध में गुरुवार को पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन, झारखंड द्वारा श्रम अधीक्षक कार्यालय, दुमका का घेराव किया गया। भारतीय जनता पार्टी, दुमका ने इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।शिव प्रोटेक्शन फोर्स, बिरसा सिक्योरिटी, बालाजी डिटेक्टिव एवं BMR सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत कर्मी 17 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मियों का आरोप है कि पिछले 12 महीनों से वेतन नहीं मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।इस अवसर पर भाजपा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील सोरेन, प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल, पूर्व जिलाध्यक्ष निवास मंडल, जिला महामंत्री मृणाल मिश्रा एवं विमल मरांडी, जिला मीडिया सह प्रभारी नवल किस्कू, नगर अध्यक्ष संतोष साह, श्रीधर दास, दीप्तांशु कोचगवे, दिनेश सिंह, लक्ष्मण प्रजापति, रामकृष्ण हेंब्रम, योगेश कुमार सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता श्रम अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आंदोलनरत कर्मियों के मांग का समर्थन किया।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि पिछले एक वर्ष से स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन नहीं मिलना राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ये कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रखने में योगदान देते हैं, लेकिन जब उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है, तब सरकार की जवाबदेही कहां चली जाती है?उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और श्रम मंत्री संजय यादव से सवाल करते हुए कहा कि क्या दोनों मंत्रियों को इन कर्मचारियों की पीड़ा दिखाई नहीं देती? क्या सरकार का काम केवल घोषणाएं करना है या कर्मचारियों को उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक दिलाना भी उसकी जिम्मेदारी है? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एक वर्ष का बकाया वेतन कब तक दिया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों को 12 महीने तक वेतन नहीं मिलना बेहद गंभीर मामला है। कर्मचारियों से काम लिया जाए, लेकिन उन्हें उनके परिश्रम का भुगतान न मिले यह व्यवस्था की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और श्रम मंत्री संजय यादव को घेरते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य कर्मी अपने ही वेतन के लिए 17 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं, तो संबंधित विभागों के मंत्री अब तक क्या कर रहे हैं? आखिर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार किस दिन का इंतजार कर रही है?अमित मंडल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को अपने विभाग से जुड़े कर्मियों की स्थिति पर जवाब देना चाहिए, जबकि श्रम मंत्री की जिम्मेदारी है कि श्रमिकों के अधिकारों और वेतन भुगतान से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा कर्मचारियों और उनके परिवारों को नहीं भुगतना चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय बकाया वेतन भुगतान की समय-सीमा तय करनी चाहिए। संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका की जांच कराई जानी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।अमित मंडल ने स्पष्ट कहा कि भाजपा कर्मचारियों के हक की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। जब तक इनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा।भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की कि सभी प्रभावित स्वास्थ्य कर्मियों के पिछले 12 महीनों के बकाया वेतन का भुगतान अविलंब कराया जाए, संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए तथा कर्मचारियों की अन्य जायज समस्याओं का समाधान कर हड़ताल समाप्त कराने के लिए ठोस पहल की जाए।भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों से लगातार काम लेने के बावजूद उन्हें एक वर्ष तक वेतन से वंचित रखना गंभीर चिंता का विषय है। अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन कर्मियों को आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है। यह केवल वेतन भुगतान का मामला नहीं, बल्कि मेहनतकश कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और जीवनयापन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा अगर जल्द ही स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो भाजपा आने वाले समय में सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

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