बलियापुर में वर्ष 1909 से हो रही देवी दुर्गा की आराधना
जमींदार घराने ने शुरू की थी पूजनोत्सव, अब 16 आना कमेटी संभाल रहे दायित्व
डीजे न्यूज, बलियापुर(धनबाद):
बलियापुर दुर्गा मंदिर में 117 वर्षों से दुर्गोत्सव का आयोजन होते आ रहा है। यहां 39 साल से विजयादशमी के दिन रावण दहन किया जा रहा है। बलियापुर में दुर्गा पूजा की शुरुआत तत्कालीन जमींदार गंगा शरण लाला, ईश्वरी लाल शरण के परिवार जनों ने की थी। उस समय प्रबुद्धजन पूजनोत्सव में सहयोग दिया करते थे। शुरुआत में बांस बल्ली एवं फुस से बने झोपड़ीनुमा मंदिर में देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती थी। कालांतर में मंदिर को मिट्टी के चदरे की सीट के बाद समय-समय पर पुनर्निर्माण होता रहा। जमींदारी व्यवस्था खत्म होने के बाद पूजा अर्चना का दायित्व गांव के 16 आना कमेटी के जिम्मे आ गयी। बलियापुर के तत्कालीन समाजसेवी नंद दत्त, मेघराज अग्रवाल, हरि महतो, मधु महतो, सहदेव महतो, सतीश दत्त जैसे लोगों द्वारा पूजा को संपन्न कराने में सक्रिय रहा करते थे। समय-समय पर सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी बलियापुर का पुनर्गठन किया जाता रहा। वही बलियापुर दुर्गा मंदिर प्रांगण में विजयदशमी मेला के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम 39 साल से आयोजित होता रहा है। रावण दहन का शुभारंभ करने का श्रेय दिवंगत समाजसेवी राकेश ग्रोवर, कल्याण भट्टाचार्य, गिरधारी लाल अग्रवाल, मोहन लाला आदि को जाता है। इस वर्ष बलियापुर में दुर्गा पूजा को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति बलियापुर के अध्यक्ष परिमल दां, सचिव अतुल केसरी, दीपक गोराई, मोहन गोराई, कार्तिक कुमार, आशीष पाल, घनश्याम ग्रोवर, मुखिया विजय गोराई, रवींद्र वर्मा, मनीष अग्रवाल आदि काफी सक्रिय हैं।