प्रो. राम माधब भट्टाचार्य को एमजीएमआई का प्रतिष्ठित अवार्ड
डीजे न्यूज, धनबाद : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर तथा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एलुमनी अफेयर्स के एडवाइजर और पूर्व डीन प्रो. राम माधब भट्टाचार्य को माइनिंग, जियोलॉजिकल एंड मेटलर्जिकल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एमजीएमआई) के प्रतिष्ठित अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 27 सितंबर को कोलकाता के ताज सिटी सेंटर में आयोजित एमजीएमआई की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) और अवार्ड समारोह में दिया गया।
प्रो. भट्टाचार्य को यह सम्मान माइन सेफ्टी, सस्टेनेबल माइनिंग और माइन ऑपरेशन के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और योगदान के लिए दिया गया। एमजीएमआई हर वर्ष 27 सितंबर को अपनी एजीएम और अवार्ड समारोह आयोजित करता है।
प्रो. भट्टाचार्य ने माइन सेफ्टी और अंडरग्राउंड माइनिंग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। जटिल स्ट्राटा कंडीशन में एक कोल माइन के धंसे हुए लॉन्गवॉल फेस की रिकवरी में उनके नेतृत्व को विशेष रूप से सराहा गया। इस ऑपरेशन से भारी लॉन्गवॉल मशीनरी और अन्य उपकरणों को होने वाले बड़े नुकसान को रोकने में मदद मिली। इस उपलब्धि के लिए उन्हें रिपब्लिक डे अवार्ड भी मिल चुका है।
अंडरग्राउंड फेस रिकवरी और इमरजेंसी माइन स्टेबिलाइजेशन में उल्लेखनीय काम के लिए उन्हें माइनिंग डायरेक्टोरेट और विभिन्न कॉरपोरेट मैनेजमेंट की ओर से कई स्पेशल कमेंडेशन सर्टिफिकेट भी मिले हैं।
साल 2025 में नई दिल्ली में आयोजित चिंतन शिविर 2.0 के दौरान भी प्रो. भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया था। उन्हें कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने सस्टेनेबल माइनिंग और सिस्टमैटिक माइन क्लोजर पर उनके योगदान और प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया था।
प्रो. भट्टाचार्य सरकार की ओर से गठित कई महत्वपूर्ण तकनीकी समितियों में भी विशेषज्ञ के रूप में काम कर चुके हैं। इनमें झरिया कोलफील्ड में आग से प्रभावित कोकिंग कोल रिजर्व के आकलन और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए प्लान तैयार करने वाली समितियां शामिल हैं। एमजीएमआई का यह सम्मान प्रो. भट्टाचार्य के लंबे प्रोफेशनल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी विशेषज्ञता खास तौर पर सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर माइनिंग ऑपरेशन को बढ़ावा देने से जुड़ी रही है।