गिरिडीह के पीरटांड़ में हाथियों ने दंपती को कुचला, दिव्यांग पति की मौत, पत्नी गंभीर
वन विभाग ने दिया अग्रिम मुआवजा
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना अंतर्गत लेढवा मंडरडीह गांव में मंगलवार रात को हाथियों के झुंड ने दंपती को कुचल दिया। हाथियों द्वारा कुचले जाने से स्थानीय निवासी मंगरा मांझी की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी बड़की देवी गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल बड़की देवी को इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह लाया गया है।
घटना के बारे में मृतक के स्वजनों ने बताया कि मंगरा मांझी दिव्यांग है, उसे दिखाई नहीं देता है। रात करीब दस बजे शौच करने वह घर से बाहर निकला, उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। इसी बीच कई हाथी वहां पहुंच गए और दंपती पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और दोनों को लेकर सदर अस्पताल पहुंची। वहां जांच के बाद चिकित्सक ने मंगरा मांझी को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक वन संरक्षक के निर्देशानुसार देर रात्रि में ही विभागीय कर्मियों द्वारा मृतक के परिजनों से मुलाकात की गई तथा उन्हें अग्रिम मुआवजा राशि प्रदान की गई।
वन विभाग का बयान
वन प्रमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल, गिरिडीह ने कहा है कि मुआवजा राशि (चार लाख) निर्धारित विभागीय प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं सत्यापन की कार्रवाई पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार प्रदान की जाएगी। साथ ही, पांच लाख रुपए उनके आश्रित के नाम से बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया जाएगा। घायल बड़की देवी के संबंध में भी आवश्यक सहयोग एवं विभागीय स्तर से समुचित कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। मानव-हाथी संघर्ष की ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विभाग द्वारा निरंतर आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से अपील की जाती है कि हाथियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर हाथियों के निकट न जाएं, उन्हें घेरने अथवा भगाने का प्रयास न करें तथा तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दें। विशेष रूप से रात्रि के समय अकेले घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतें।
मानव एवं वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग एवं स्थानीय ग्रामीणों के बीच समन्वय एवं सहयोग अत्यंत आवश्यक है।