NH-114A पर योगीटांड़ के पास दो साल से जानलेवा स्थिति, NHAI ने शिकायत MoRTH को भेजी स्थायी समाधान की मांग

NH-114A पर योगीटांड़ के पास दो साल से जानलेवा स्थिति, NHAI ने शिकायत MoRTH को भेजी
स्थायी समाधान की मांग
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग NH-114A पर योगीटांड़, गिरिडीह स्टेडियम के निकट लंबे समय से क्षतिग्रस्त और संकरे सड़क के हिस्से को लेकर जनहित में उठाए गए मामले में अब नया मोड़ आया है। इस संबंध में दर्ज शिकायत पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कार्रवाई करते हुए मामले को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) कार्यालय को भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार गिरिडीह निवासी सुनील खंडेलवाल द्वारा 19 सितंबर को दर्ज कराई गई शिकायत पर NHAI के परियोजना निदेशक कार्यालय, धनबाद ने 22 सितंबर को जारी पत्र में शिकायत को संबंधित कार्यालय के क्षेत्राधिकार का विषय बताते हुए उसे अंतरित कर दिया है। NHAI ने संबंधित कार्यालय से शिकायत का जवाब सीधे आवेदक को देने और उसकी एक प्रति NHAI को भी देने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता सुनील खंडेलवाल के अनुसार NH-114A के योगीटांड़ के पास सड़क का एक हिस्सा पिछले लगभग दो वर्षों से क्षतिग्रस्त और अत्यंत संकरा है। यह मार्ग बड़ी संख्या में यात्री वाहनों, भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। भारी वाहनों के आवागमन के दौरान यह हिस्सा और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाता है, जिससे दुर्घटना की गंभीर आशंका बनी हुई है।
इससे पहले इस सड़क को लेकर कोयला मंत्रालय, भारत सरकार से भी शिकायत की गई थी। उसके जवाब में Central Coalfields Limited (CCL), गिरिडीह ने 16 सितंबर 2026 को बताया था कि संबंधित सड़क CCL के लीज-होल्ड क्षेत्र से होकर गुजरती है, लेकिन निर्माण NHAI द्वारा कराया गया है और मरम्मत, सुरक्षा और रखरखाव NHAI के अधीन है। CCL ने कहा था कि उसके वैध खनन कार्यों से भू-धसान नहीं होता और क्षेत्र में भू-धसान के लिए अवैध खनन और संबंधित अवैध गतिविधियों का उल्लेख किया था।
सुनील खंडेलवाल ने कहा – “NH-114A कोई सामान्य ग्रामीण सड़क नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग है। यदि किसी स्थान पर सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त और संकरी है तथा वहां से लगातार यातायात गुजर रहा है, तो संबंधित विभागों की प्राथमिकता दुर्घटना होने के बाद मुआवजा या जांच करना नहीं, बल्कि दुर्घटना की संभावना को पहले ही समाप्त करना होनी चाहिए। शिकायत का उद्देश्य किसी विभाग पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना है।”
खंडेलवाल ने मांग की है कि
1. योगीटांड़ के निकट क्षतिग्रस्त हिस्से का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए।
2. क्षति के मूल कारण का परीक्षण कर स्थायी और गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।
3. स्थायी कार्य पूरा होने तक मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, रात्रिकालीन दृश्यता और सड़क सुरक्षा उपाय लगाए जाएं।
4. भारी यातायात को देखते हुए यातायात प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
5. कार्रवाई के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए और शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।
खंडेलवाल ने कहा, “NHAI द्वारा शिकायत को संबंधित कार्यालय को भेजना महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, लेकिन मामला केवल पत्राचार तक सीमित न रहे और अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। लगभग दो वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए अब निरीक्षण, पत्राचार और विभागीय स्थानांतरण से आगे बढ़कर जमीन पर कार्रवाई की जरूरत है। जब तक स्थायी निर्माण नहीं होता, तब तक तत्काल सुरक्षा उपाय करना भी उतना ही जरूरी है।”
उन्होंने जनहित और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है और भरोसा जताया है कि संबंधित विभाग जल्द सकारात्मक कार्रवाई करेगा।

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