सूचना आयोग की बदहाली पर सिविल सोसाइटी मुखर, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की मां
डीजे न्यूज, गिरिडीह : सूचना के अधिकार को प्रभावी बनाने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर सिविल सोसाइटी गिरिडीह ने पहल तेज कर दी है। सोसायटी ने झारखंड राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति और लंबे समय से लंबित द्वितीय अपीलों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई है।
इस संबंध में सोसायटी की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर आवश्यक संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। सोसायटी का कहना है कि सूचना का अधिकार आम नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल पूछने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अधिकार देता है। ऐसे में सूचना आयोग में मामलों का लंबे समय तक लंबित रहना इस व्यवस्था को प्रभावित करता है।
सोसायटी ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया है।
इसके अलावा सिविल सोसाइटी ने सड़क, पेयजल, यातायात और साफ-सफाई जैसी स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया है। पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर राज्य के सभी थानों में नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का विधिवत रजिस्टर में संधारण कराने तथा आवेदकों को आवेदन प्राप्ति की रसीद उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
सोसायटी के महासचिव शंकर पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जनहित के मुद्दों को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।