गांडेय-गिरिडीह में मतदाता पुनरीक्षण की रफ्तार पर सवाल, 122 बूथों पर एक भी प्रपत्र-6 नहीं
डीजे न्यूज, गिरिडीह : मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 31-गांडेय एवं 32-गिरिडीह विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रामनिवास यादव की अध्यक्षता में बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर के साथ बैठक हुई। बैठक में प्राप्त दावों-आपत्तियों तथा प्रपत्र-6 एवं प्रपत्र-8 की स्थिति की मतदान केंद्रवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि 5 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गांडेय विधानसभा क्षेत्र में 2,225 और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में 2,851 प्रपत्र-6 प्राप्त हुए हैं। दोनों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 5,076 प्रपत्र-6 प्राप्त हुए हैं।
वहीं मतदान केंद्रवार समीक्षा में कई बूथों पर अब तक एक भी आवेदन नहीं मिलने की स्थिति सामने आई। गांडेय के 406 मतदान केंद्रों में 100 तथा गिरिडीह के 385 मतदान केंद्रों में 22 मतदान केंद्रों पर एक भी प्रपत्र-6 प्राप्त नहीं हुआ है। इस तरह दोनों विधानसभा क्षेत्रों के कुल 122 मतदान केंद्र शून्य आवेदन वाले पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर को इन मतदान केंद्रों की विशेष समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र युवाओं की पहचान कर उनका प्रपत्र-6 प्राप्त करते हुए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा छूटे हुए पात्र नागरिकों, नवविवाहित महिलाओं, नए निवासियों एवं अन्य पात्र लोगों की भी पहचान कर उनके आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मतदाता सूची में दर्ज नाम, जन्मतिथि, पता, फोटो अथवा अन्य विवरणों में सुधार तथा निवास स्थान परिवर्तन के लिए पात्र मतदाताओं से प्रपत्र-8 प्राप्त करने को कहा गया। प्राप्त प्रपत्र-8 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से समयबद्ध ऑनलाइन दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने शून्य एवं कम प्रपत्र-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर को क्षेत्र में पात्र मतदाताओं की पहचान कर उनके आवेदन प्राप्त करने तथा आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप निष्पादन किया जाए, ताकि मतदाता सूची अद्यतन, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बन सके।