केसीसी की प्रगति में लाएं तेजी, लंबित ऋण आवेदनों का त्वरित करें निष्पादन : उपायुक्त 

केसीसी की प्रगति में लाएं तेजी, लंबित ऋण आवेदनों का त्वरित करें निष्पादन : उपायुक्त 

डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभाकक्ष में गुरुवार को उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की जून 2026 तिमाही बैठक हुई। बैठक में विभिन्न बैंकिंग एवं वित्तीय योजनाओं की बैंकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में वार्षिक ऋण योजना (ACP), CD Ratio, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), PMFME, PM SVANidhi, MUDRA, B-PMFBY, स्वयं सहायता समूह (SHG) सहित विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई। वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की स्थिति की भी जानकारी ली गई।

केसीसी की कम उपलब्धि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश

समीक्षा के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने बैंकों को विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बैठक में कुछ बैंकों द्वारा एक लाख रुपये से अधिक के केसीसी ऋण के लिए LPC की अनिवार्यता तथा विभिन्न अंचलों में आवेदकों को LPC मिलने में हो रही परेशानी का मामला उठाया गया। इस पर उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में किसानों, छोटे कारोबारियों, स्वयं सहायता समूहों एवं जरूरतमंद लोगों को ऋण तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। सभी बैंकों को लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करने तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने का निर्देश दिया गया।

भेलवाघाटी में बैंक शाखा खोलने पर जोर

उपायुक्त रामनिवास यादव ने भेलवाघाटी एवं आसपास की पंचायतों में बैंकिंग सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक को नई शाखा खोलने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में बैंकिंग सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना की भी हुई समीक्षा

बैठक में गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। स्वीकृत ऋण राशि की तुलना में संवितरित राशि कम पाए जाने पर संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। उपायुक्त ने स्वीकृत ऋण का समय पर वितरण सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ, नाबार्ड के डीडीएम, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय, प्रभावी अनुश्रवण एवं सकारात्मक पहल जरूरी है। उन्होंने पात्र लाभुकों तक वित्तीय सेवाओं एवं ऋण योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।

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