श्रावणी मेले के पहले सप्ताह में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
डीजे न्यूज, देवघर : राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल संचालन को लेकर गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में साप्ताहिक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन ने मेले के पहले सप्ताह की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व संग्रह से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।
उपायुक्त ने बताया कि 30 जुलाई से एक सप्ताह के दौरान कुल 10,05,885 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया, जिनमें 23,130 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से दर्शन करने वाले शामिल हैं। इस अवधि में बाबा मंदिर को विभिन्न स्रोतों से 86.85 लाख रुपये की आय हुई, जबकि शीघ्र दर्शनम् कूपन से प्राप्त राशि का 60 प्रतिशत 72.28 लाख रुपये रहा।
उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 597 मजिस्ट्रेट एवं पदाधिकारी, 6,763 पुलिसकर्मी, 925 सीसीटीवी, 225 एआई कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 77 आवासन केंद्र, 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, 111 चिकित्सक, 470 पैरामेडिकल कर्मी, 40 एम्बुलेंस तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक 33,224 मरीजों का उपचार किया जा चुका है।
प्रशासन के अनुसार सूचना केंद्रों के माध्यम से 15,549 खोया-पाया मामलों का पंजीकरण हुआ, जिनमें 10,242 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। इसके अलावा मेला क्षेत्र में वीआर तकनीक, वाटर लेजर शो, एलईडी स्क्रीन, सांस्कृतिक मंच और शिवलोक परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 21 अस्थायी पुलिस ओपी, 13 यातायात ओपी, एटीएस, रैफ, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और क्यूआरटी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर से कुछ खोए हुए मोबाइल बरामद किए गए हैं तथा पॉकेटमारी के मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि श्रावण माह की शेष तीन सोमवारी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि बाबा नगरी आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद अनुभव के साथ अपने गंतव्य तक लौट सकें।