भावी शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, स्कॉलर बी.एड. कॉलेज में संगोष्ठी आयोजित
शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल स्वयं साइबर सुरक्षित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना है : शालिनी खोवाला
डीजे न्यूज, गिरिडीह : स्कॉलर बी.एड. कॉलेज, बनहत्ती में मंगलवार को “साइबर सेफ्टी” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता मुख्य पुलिस उपाधीक्षक द्वितीय (साइबर) सह ट्रैफिक डीएसपी आर.के. राणा थे। उनके साथ सब-इंस्पेक्टर जगरनाथ पान (बेंगाबाद थाना), साइबर इंस्पेक्टर पुनीत कुमार तथा गुंजन कुमार एवं साकेत कुमार भी उपस्थित रहे। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला, डीएलएड प्रभारी डॉ. हरदीप कौर एवं अन्य प्राध्यापकों ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल स्वयं साइबर सुरक्षित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना है।
मुख्य वक्ता डीएसपी आर.के. राणा ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी लोन ऐप, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन का भी संदेश दिया।
साइबर इंस्पेक्टर पुनीत कुमार एवं उनकी टीम ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी दी और बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग कैसे किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद एवं डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। संगोष्ठी में सभी प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रश्नोत्तरी सत्र में प्रशिक्षुओं ने साइबर अपराधों से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका डीएसपी आर.के. राणा और उनकी टीम ने सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समाधान किया।