साधु के वेश में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
चोरी के सोने का मंगलसूत्र बरामद
डीजे न्यूज, कतरास (धनबाद):
बरोरा थाना क्षेत्र में साधु के रूप में भोले-भाले लोगों को अपनी बातों में फंसाकर चोरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बरोरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के महज 12 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन बहुरुपिया साधुओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनलोगों के पास से चोरी के सोने का लॉकेट (मंगलसूत्र) भी बरामद किया है।
घटना 28 जुलाई की सुबह लगभग 10 बजे की है। हरिणा कॉलोनी (क्वार्टर नं. C-19) के रहने वाले संजीव प्रसाद के घर साधु का वेश में दो व्यक्ति पहुंचे। उन्होंने संजीव प्रसाद की पत्नी नीलम देवी को बातचीत के दौरान कहा की आपकी घर की परेशानी का हल चुटकी भर की देर मे गायब हो जाएगी। साधु की मधुर बातो मे आकर नीलम देवी ने अपनी मंगलसूत्र साधु को दे दिया। दोनो ने एक जगह पर मंगलसूत्र के साथ छोटी सी भगवान की मूर्ति और रुद्राक्ष रखकर महिला को पीछे जाने को कहा। मौका पाते ही लगभग 3 ग्राम वजन के सोने का लॉकेट (मंगलसूत्र) चुराकर चंपत हो गए। पीड़ित द्वारा बरोरा थाना में लिखित आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज (कांड संख्या 40/2026, धारा 303(2) बीएनएस) कर तफ्तीश शुरू की।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम, हरिणा से दबोचे गए आरोपी
शनिवार को बरोरा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के आदेश पर विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। कतरास अंचल निरीक्षक मो. रुस्तम और बरोरा थाना प्रभारी अभय कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरिणा इलाके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर चोरी हुआ सोने का मंगलसूत्र और लॉकेट सकुशल बरामद कर लिया गया।
बिहार के रोहतास जिले के हैं तीनों बहुरुपिए
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के आमझौर थाना क्षेत्र (ग्राम रकियान बिगहा, पो. सरैया) के निवासी हैं। इनमें
सत्येन्द्र लाठीर (44 वर्ष), सुमन कुमार (23 वर्ष), इंदल लाठीर (46 वर्ष) शामिल हैं।
पुलिस टीम
इस त्वरित और सफल छापेमारी अभियान में अंचल निरीक्षक मो. रुस्तम, बरोरा थाना प्रभारी अभय कुमार, उप-निरीक्षक मनोज कुमार चातोमबा , सहायक उप-निरीक्षक लालचन्द राम और हवलदार शिवचन्द्र यादव की मुख्य भूमिका रही। कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।