सांसद ढुलू ने विधायक अरूप को भेजा ₹2 करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस 

डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरुप चटर्जी के बीच उत्पन्न विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सांसद ढुलू ने अपनी एवं अपने परिवार की प्रतिष्ठा को कथित रूप से क्षति पहुंचाने वाले बयानों के संबंध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को अपने अधिवक्ता के माध्यम से मानहानि (Defamation) का कानूनी नोटिस भेजा है।

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि विधायक अरूप चटर्जी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता तथा उसके बाद विभिन्न प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सांसद ढुलू महतो एवं उनके परिवार के विरुद्ध कई गंभीर, झूठे, निराधार एवं मानहानिकारक आरोप लगाए गए। नोटिस के अनुसार इन आरोपों का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ, जिससे सांसद की व्यक्तिगत, सामाजिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है।

नोटिस में कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से लगाए गए आरोप बिना किसी विश्वसनीय साक्ष्य के लगाए गए हैं तथा इनसे सांसद ढुलू महतो की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। नोटिस के अनुसार इस प्रकार के कथनों से समाज में उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा एवं सार्वजनिक जीवन प्रभावित हुआ है।

कानूनी नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित बयानों का प्रसारण एवं प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर हुआ। नोटिस के अनुसार इससे सांसद एवं उनके परिवार को मानसिक पीड़ा, सामाजिक असहजता तथा प्रतिष्ठा की क्षति हुई है।

कानूनी नोटिस के माध्यम से विधायक  अरूप चटर्जी से की गई मांगें

नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर सांसद ढुलू महतो एवं उनके परिवार से बिना शर्त एवं स्पष्ट सार्वजनिक लिखित माफी मांगी जाए।

प्रेस वार्ता एवं अन्य माध्यमों से दिए गए सभी कथित मानहानिकारक आरोपों एवं बयानों को सार्वजनिक रूप से वापस लिया जाए।

सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं अन्य माध्यमों पर उपलब्ध कथित मानहानिकारक वीडियो, पोस्ट, रिकॉर्डिंग एवं अन्य सामग्री को तत्काल हटाया जाए तथा अन्य प्लेटफॉर्म से भी हटाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।

भविष्य में सांसद ढुलू महतो एवं उनके परिवार के विरुद्ध किसी भी प्रकार के झूठे, भ्रामक अथवा मानहानिकारक बयान देने अथवा प्रसारित करने से परहेज किया जाए।

सांसद ढुलू महतो की प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति, मानसिक पीड़ा एवं सामाजिक अपमान के लिए ₹2 करोड़ (दो करोड़ रुपये) की क्षतिपूर्ति अदा की जाए।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया जाता है, तो सांसद ढुलू महतो की ओर से सक्षम न्यायालय में दीवानी एवं आपराधिक कानूनी कार्रवाई सहित उपलब्ध सभी वैधानिक उपाय अपनाए जाएंगे। ऐसी स्थिति में होने वाले सभी विधिक परिणामों की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।

मामले को लेकर सांसद ढुलू महतो ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध बिना तथ्य एवं प्रमाण के झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता, तथ्यपरकता और जवाबदेही का पालन होना आवश्यक है तथा किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कानून के दायरे में आता है।

उन्होंने कहा कि यह कदम व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि सत्य, सम्मान एवं कानून के शासन की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। जनप्रतिनिधि होने के नाते वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं और भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति निराधार एवं असत्य आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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