मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू घर-घर भ्रमण के दौरान बीएलओ को करें सहयोग : जिला निर्वाचन पदाधिकारी 29 जुलाई तक बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण व संग्रहण फर्जी या अनाधिकृत दस्तावेज बनाने पर होगी कार्रवाई ट्वीटर पर टॉप 3 में ट्रेंड हुआ झारखंड एसआईआर

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू

घर-घर भ्रमण के दौरान बीएलओ को करें सहयोग : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

29 जुलाई तक बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण व संग्रहण

फर्जी या अनाधिकृत दस्तावेज बनाने पर होगी कार्रवाई

ट्वीटर पर टॉप 3 में ट्रेंड हुआ झारखंड एसआईआर

डीजे न्यूज, धनबाद: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर 2026) को लेकर मंगलवार को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के निर्देशानुसार सभी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों में बीएलओ एवं राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) की बैठकों का आयोजन किया गया।

इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि बैठक में विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ या डुप्लीकेट (ए.एस.डी.डी.) सूची को सटीक एवं त्रुटिहीन बनाने के लिए मतदाताओं की सही-सही पहचान करें। साथ में सभी बीएलओ, बीएलओ सहायकों (वॉलेंटियर्स) और राजनीतिक दलों के बीएलए-2 प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे आपसी समन्वय बनाकर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाएं। ताकि उनके क्षेत्र की मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध और पारदर्शी बन सके।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर का भ्रमण कर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रहण करेंगे। उन्होंने सभी मतदाताओं से घर-घर भ्रमण के दौरान बीएलओ को सहयोग करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म मिलते ही मतदाता उसे तुरंत भरें, नई फोटो लगाएं, हस्ताक्षर करें और भरे हुए फॉर्म की एक प्रति बीएलओ को जमा कर दूसरे प्रति में पावती लें।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सभी विधानसभा के ईआरओ यह सुनिश्चित करेंगे कि एसआइआर के दौरान कोई भी योग्य नागरिक छूटा नहीं है तथा किसी भी अयोग्य व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया है। वहीं एसआइआर के दौरान जो भी मतदाता अपना गणना प्रपत्र जमा करेंगे उन्हें पिछले इंसेंटिव रिवीजन के साथ मैपिंग के साथ या बिना मैपिंग के ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। जबकि जिस मतदाता ने साइन करने से मना किया है और जिस मतदाता का नाम एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ या डुप्लीकेट लिस्ट में है, उनके गणना प्रपत्र को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रभावित व्यक्ति के लिए दो लेवल की अपील का प्रावधान है। जबकि नए मतदाता को डिक्लेरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म 6 भी जमा करना होगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि कोई भी भारतीय नागरिक है और उनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है तो वे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र के साथ जन्मतिथि के अनुसार स्वयं अथवा स्वयं के साथ माता या पिता या स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों का दस्तावेज देना होगा।

उन्होंने बताया कि यदि किसी का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है तो उनको सिर्फ स्वयं का दस्तावेज देना होगा। यदि जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में हुआ है तो उनका स्वयं के साथ माता अथवा पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। जबकि यदि किसी का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है तो उनको स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के दस्तावेज देने होगा। जबकि यदि किसी का जन्म भारत के बाहर हुआ है एवं उनके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं तो उनको, उनके जन्म वाले देश में स्थित भारतीय दूतावास से जारी जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। वहीं यदि उनका जन्म भारत के बाहर हुआ है एवं उनके माता-पिता भारत के नागरिक नहीं है तो उनको नागरिकता प्रमाण पत्र देना होगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि किसी का नाम गत एसआइआर की मतदाता सूची में दर्ज है तो उनको अन्य किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है एवं यह विवरण उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी पर्याप्त है।

यदि किसी का या एवं उनके माता-पिता का नाम गत एसआइआर की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो वे 1. किसी भी केंद्रीय/राज्य/सार्वजनिक क्षेत्र के नियमित कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश। 2. 01.07.1987 से पूर्व भारत में सरकार / स्थानीय प्राधिकरण / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज। 3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र। 4. पासपोर्ट। 5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्ववि‌द्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र। 6. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र। 7. वन अधिकार प्रमाण पत्र। 8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र। 9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी मौजूद हो)। 10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। 11. सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र (खतियान की प्रति) अथवा 12. आधार की प्रति देने पर ऊपर बताए गए 11 दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रति भी जमा कर सकते हैं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर भ्रमण करेंगे। 29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का राशनलाइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति करने के लिए समय निर्धारित किया गया है। 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावों एवं आपत्तियों का निपटान किया जाएगा। जबकि 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि कोई भी मतदाता वेबसाइट ceo.jharkhand.gov.in पर 2003 के मतदान केंद्र की जानकारी, 2003 की मतदाता सूची को डाउनलोड, 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम, अनमैप्ड मतदाता की सूची, बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर देख सकता है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के लिए कोई भी नागरिक फर्जी या अनाधिकृत दस्तावेज न बनवाए और न ही ऐसा प्रयास करें। ऐसा करने वालों पर या ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कानून की संगत धाराओं के अन्तर्गत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में दो बार है, वह अपने सामान्य निवास स्थान पर प्राप्त इन्युमरेशन फॉर्म में हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाएं, दूसरी जगह पर प्राप्त इन्युमरेशन फॉर्म को हस्ताक्षर किये बिना, उचित कारण बताते हुए बीएलओ को वापस करें, ताकि वो एक ही स्थान पर पंजीकृत रह सकें। बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम धनबाद के साथ किसी अन्य शहर में भी है और वह धनबाद में अपना नाम रखना चाहते हैं तो इन्यूमरेशन फॉर्म भर कर जमा करें एवं अन्य शहर में फॉर्म 7 भर कर अपना नाम विलोपित करवा लें।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जिले के सभी मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर को सहयोग कर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य रुप से मैपिंग कराने की अपील की।

एसआरआर के दौरान उप विकास आयुक्त  सन्नी राज एवं अनुमंडल दंडाधिकारी  लोकेश बारंगे ने कंट्रोल रूम से सभी विधानसभा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी से संपर्क कर सतत निगरानी रखी। वहीं संबंधित विधानसभा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने अपने क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण किया।

वहीं सोशल मीडिया में आज 11 से 1 बजे तक ट्विटर पर #JharkhandSIR अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो ट्विटर पर टॉप 3 में ट्रेंड हुआ।

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