एमआईटी के वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर रैकाउकास एक जुलाई को आएंगे आइआइटी-आइएसएम एआई के दौर में इंजीनियरों की भूमिका पर देंगे व्याख्यान

एमआईटी के वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर रैकाउकास एक जुलाई को आएंगे आइआइटी-आइएसएम

एआई के दौर में इंजीनियरों की भूमिका पर
देंगे व्याख्यान

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित डी2एमएमएस (Data-Driven Modelling for Mechanical Systems) समर स्कूल 2026 के तहत 1 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर रैकाउकास का विशेष व्याख्यान आयोजित किया जाएगा।

डॉ. रैकाउकास वर्तमान में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब (CSAIL) में रिसर्च एफिलिएट हैं। इसके अलावा वे जूलियाहब (JuliaHub) में वाइस प्रेसिडेंट (मॉडलिंग एंड सिमुलेशन), प्यूमास-एआई (Pumas-AI) में डायरेक्टर ऑफ साइंटिफिक रिसर्च तथा SciML ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ऑर्गेनाइजेशन के लीड डेवलपर भी हैं।

सुबह 9 बजे से 10 बजे तक मैकेनिकल इंजीनियरिंग भवन के सेमिनार हॉल में आयोजित होने वाले इस व्याख्यान का विषय “द बिटर लेसन फॉर द बिटर लेसन: द रोल ऑफ ह्यूमन इंजीनियर्स इन द एज ऑफ एआई” है।

व्याख्यान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच इंजीनियरों और विषय विशेषज्ञों की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी। साथ ही साइंटिफिक मशीन लर्निंग, एजेंटिक एआई, मॉडलिंग एंड सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों और इनके एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, केमिकल प्रोसेस, फार्माकोमेट्रिक्स तथा अन्य इंजीनियरिंग क्षेत्रों में उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। व्याख्यान का उद्देश्य प्रतिभागियों को एआई और इंजीनियरिंग के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र की नई संभावनाओं और चुनौतियों से अवगत कराना है।

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