नदी किनारे खनन या ओबी डंप होने पर सीओ थाना प्रभारी जवाबदेह होंगे : उपायुक्त आदित्य रंजन 

नदी किनारे खनन या ओबी डंप होने पर सीओ थाना प्रभारी जवाबदेह होंगे : उपायुक्त आदित्य रंजन

डीएमओ, डीटीओ व अन्य संबंधित विभाग की संयुक्त टीम तीनों नदी तट के पूरे रूट का निरीक्षण कर उपायुक्त को रिपोर्ट देंगे कि नदी के रूट पर अवैध खनन या ओवर बर्डन डंप हुआ था, हो रहा है या होने की संभावना है, उसके आधार पर अंचल अधिकारी और थानेदार पर होगी कार्रवाई 

डीजे न्यूज, धनबाद : जिले से गुजरने वाली जमुनिया, कतरी एवं दामोदर नदी के किनारे अवैध खनन या ओवर बर्डन डंप होने पर सीधे संबंधित अंचल अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी इसके लिए जवाबदेह होंगे। जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी व अन्य संबंधित विभाग की संयुक्त टीम तीनों नदी तट के पूरे रूट का निरीक्षण कर उपायुक्त को रिपोर्ट देंगे कि नदी के रूट पर अवैध खनन या ओवर बर्डन डंप हुआ था, हो रहा है या होने की संभावना है। यदि निरीक्षण में तीनों में से कुछ भी पाया जाएगा तो इसके लिए सीधे संबंधित अंचल अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

उपरोक्त निर्देश उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने आज न्यू टाउन हॉल में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में दिया। उपायुक्त ने कहा कि नदी किनारे अवैध रूप से ओवर बर्डन डंप करना, खनन करने जैसा ही गुनाह है। उन्होंने अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी को ऐसा करने वालों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ-साथ नदी किनारे, जहां अवैध खनन करने की संभावना है, वहां वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण कर नदियों के तट को संरक्षित करने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने बिना ढंके कोयला परिवहन करने वाले वाहनों का चालान जारी नहीं करने एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को टीम बनाकर इसकी विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। बैठक में जमुनिया नदी के पास अवैध खनन पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने बताया कि कंक्रीट ब्लॉक से 11 अवैध मुहाना को बंद किया गया है। वहीं अन्य मुहाने बंद करने की प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी को उक्त क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने गत बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने खनन टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में पृच्छा की। जिसपर जिला खनन पदाधिकारी, ने टास्क फोर्स के सदस्यों एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध खनन, परिवहन व भंडारण के विरूद्ध की गई कार्रवाई के संदर्भ में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में माइनर खनिज के 95 वाहनों को जप्त किया गया। जिसमें 13 प्राथमिकी दर्ज की गई तथा जेएमएमसी रूल 2004 के नियम 54 (5) के तहत 28.67 लाख रूपए की वसूली की गई। वहीं मेजर खनिज में अवैध कोयला खनन एवं परिवहन के विरूद्ध 106 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 07 ट्रक व हाईवा एवं 69 अन्य वाहनों सहित 76 वाहन तथा 1085.40 टन कोयला जप्त करते हुए 32 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बताया कि इस इस वित्तीय वर्ष में मई तक अवैध कोयला खनन एवं परिवहन के विरुद्ध 26 प्राथमिकी दर्ज करते हुए चार ट्रक व हाइवा एवं 36 अन्य वाहनों सहित 40 वाहन जब्त किए गए तथा 190.5 टन कोयला जब्त कर पांच लोगों की गिरफ्तारी की गई।

उन्होंने बताया कि मार्च महीने में निरसा, जोड़ापोखर व बाघमारा थाना में दो-दो तथा झरिया, तेतुलमारी, सुदामडीह, अलकडीहा ओपी व चिरकुंडा थाना में एक-एक प्राथमिकी दर्ज हुई है। जबकि मई महीने में बाघमारा में तीन तथा सोनारडीह ओपी, मधुबन थाना, भाटडीह ओपी, जोगता थाना, अलकडीहा ओपी, बलियापुर थाना व कतरास थाना में एक-एक प्राथमिकी की दर्ज की गई है।

इस पर उपायुक्त ने जिला खनन टास्क फोर्स के सभी सदस्यों, अनुमण्डल दंडाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, सभी पुलिस उपाधीक्षक, सभी अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को संयुक्त रूप से अधिक से अधिक छापेमारी कर अवैध खनन, परिवहन व भंडारण में संलिप्त लोगों के विरूद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया।

बैठक में बीसीसीएल ने बताया कि सितंबर 2025 से मई 2026 तक ड्रोन सर्विलांस से 446 मामले उजागर कर 201 मामलों में कार्रवाई की गई तथा 53 टन कोयला बरामद किया गया। इसके अलावा विगत एक वर्ष में डोजरिंग से अवैध खनन के मुहाने को ध्वस्त करने, रेड कर अवैध कोयला बरामद करने, सेंट्रल कमांड कंट्रोल से की गई कार्रवाई तथा बीसीसीएल द्वारा सुरक्षा के लिए उठाए गए उपाय के संबंध में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

उपायुक्त ने कोल कंपनियों को निर्गत विभिन्न पत्र एवं बैठकों की कार्यवाही के माध्यम से जारी निर्देशों के अनुपालन, खनिजों के अवैध खनन व परिवहन की रोकथाम हेतु टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा की गई कार्रवाई, विशेष शाखा, झारखण्ड, राँची एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायत पत्रों पर की गई कार्रवाई, कोल कंपनियों द्वारा प्रोग्रेसिव माइन क्लोजर प्लान में अंकित संरक्षण, न्यूनीकरण, वृक्षारोपण, पुनर्ग्रहण के साथ-साथ सस्टेनेबल माइनिंग के संदर्भ में की गई कार्रवाई की समीक्षा की।

बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, नगर आयुक्त आशिष गंगवार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी (पी एंड पी) राजीव कुमार सिन्हा, सीआईएसएफ बीसीसीएल के उपमहानिरीक्षक, सीआईएसएफ ईसीएल के सीनियर कमांडेंट, महाप्रबंधक माइंस सेफ्टी के अलावा बीसीसीएल के विभिन्न एरिया के महाप्रबंधक उपस्थित थे।

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