री नीट परीक्षा : अतिरिक्त समय के बावजूद फिजिक्स ने छात्रों को खूब छकाया

री नीट परीक्षा : अतिरिक्त समय के बावजूद फिजिक्स ने छात्रों को खूब छकाया

धनबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक हुई परीक्षा, झारखंड के छह मेडिकल कॉलेजों की 730 सीटों के लिए चार हजार छात्रों ने धनबाद में दी परीक्षा


डीजे न्यूज, ​धनबाद : धनबाद जिले के सात केंद्रों में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की दोबारा परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से छात्रों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था, जिससे कुल समय 195 मिनट का रहा। हालांकि, अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद फिजिक्स (भौतिकी) के लंबे और पेचीदा सवालों ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया।


​रविवार सुबह 11 बजे से ही छात्र अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर जुटने लगे थे। सुरक्षा के लिहाज से अभिभावकों को केंद्र से 100 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और जिला पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे। ​छात्रों को दो चरणों की कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड, आवेदन फॉर्म और लाइव फोटो का मिलान किया गया। इसके बाद बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए सभी परीक्षार्थियों की दसों उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों की गहन जांच की गई। दोपहर 1:30 बजे केंद्रों के मुख्य गेट बंद कर दिए गए।
​चेन, लॉकेट और दुपट्टे पर रोक; जूता पहनकर आने वालों को झटका


​आईआईटी आईएसएम समेत विभिन्न केंद्रों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निर्देश थे। जो छात्र जूते पहनकर पहुंचे थे, उनके जूते बाहर ही उतरवा लिए गए। छात्राओं को अपना दुपट्टा, गले की चेन और लॉकेट बाहर ही अपने परिजनों को सौंपने का निर्देश दिया गया। दुपट्टे के साथ प्रवेश की सख्त मनाही थी।
​भावुक पल: परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले बीबीएमकेयू, केंद्रीय विद्यालय-1 (विनोद नगर) और आईआईटी आईएसएम में कई छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते दिखे।
आईआईटी आईएसएम केंद्र पर एक छात्रा परीक्षा को लेकर इतनी नर्वस थी कि वह बार-बार गेट से वापस लौट रही थी और रोने लगी। परिजनों और केंद्र कर्मियों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद वह शांत हुई और परीक्षा देने अंदर गई।
काफी टफ थी फिजिक्स
​परीक्षा देकर बाहर निकलीं आईआईटी आईएसएम केंद्र की कई छात्राओं ने बताया कि इस बार का पेपर कुल मिलाकर मध्यम स्तर का था, लेकिन फिजिक्स के सेक्शन ने बहुत माथापच्ची करवाई।
​फिजिक्स (कठिन) : छात्राओं के अनुसार, पिछले नीट के मुकाबले इस बार फिजिक्स का पेपर काफी कठिन और लेंदी था। प्रश्न मुख्य रूप से फॉर्मूला और भारी कैलकुलेशन पर आधारित थे। कुछ प्रश्न बेहद ट्रिकी थे और कुछ ‘आउट ऑफ सिलेबस’ महसूस हो रहे थे।
​केमिस्ट्री (मध्यम ) : रसायन विज्ञान में समीकरण और रिएक्शन आधारित मध्यम स्तर के प्रश्न पूछे गए।
​बायोलॉजी (आसान से मध्यम): जीव विज्ञान का सेक्शन सबसे आसान रहा। इसमें डायग्राम आधारित और याददाश्त की क्षमता को परखने वाले सीधे सवाल पूछे गए थे।
​कई छात्रों ने बताया कि पेपर काफी समय लेने वाला था, जिसके कारण समय समाप्त होने तक कुछ छात्रों के सवाल भी छूट गए।
सात केंद्रों पर 4 हजार छात्रों ने दी परीक्षा
​धनबाद में री-नीट के लिए कुल सात केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग चार हजार परीक्षार्थी शामिल हुए।
​आईआईटी आईएसएम: सबसे अधिक 960 छात्र।
​बीबीएमकेयू: 720 छात्र।
​आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर: 500 छात्र।
​इसके अलावा बीआईटी सिंदरी, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, डिग्री कॉलेज जामाडोबा और केंद्रीय विद्यालय-1 में 1500 से अधिक छात्र परीक्षा में बैठे। एसएसएलएनटी कॉलेज में जामताड़ा और गिरिडीह से भी बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे थे।
​झारखंड के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर नजर
​इस नीट परीक्षा के स्कोर के आधार पर सफल छात्रों को झारखंड के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों की कुल 730 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा।

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