राजेश मंडल बने सचिव, बिरसा मुंडा के सपनों का झारखंड बनाने का लिया संकल्प
उलगुलान दिवस पर भाकपा माले मुंडरो लोकल कमिटी का पांचवां सम्मेलन सम्पन्न
डीजे न्यूज, बगोदर(गिरिडीह) : महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा के 127वें शहादत दिवस ‘उलगुलान दिवस’ के अवसर पर बगोदर के मुंडरो में भाकपा माले लोकल कमिटी का 5वां सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में फासीवाद के खिलाफ बिरसा मुंडा के अदम्य उलगुलानी संघर्ष को तेज करने तथा उनके सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया गया।
सम्मेलन की शुरुआत बिरसा मुंडा समेत तमाम शहीदों एवं दिवंगत लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखकर की गई। वरिष्ठ समाजसेवी रामेश्वर रविदास ने झंडोत्तोलन किया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने स्मृति पुष्प अर्पित कर बिरसा मुंडा के सपनों के झारखंड के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
मौके पर भाकपा माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने कहा कि बिरसा मुंडा के सपनों के राज समाज के लिए संघर्ष करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जल, जंगल और जमीन पर आम जनता के अधिकार की लड़ाई के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के 12 साल से अधिक हो गए हैं और भाजपा सरकार की तबाही देश के चारों तरफ दिखाई दे रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी वृद्धि, बेलगाम महंगाई और भयानक बेरोजगारी ने जनता के जीवन को मुश्किल में डाल दिया है। मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया तथा चार श्रम कोड लागू कर मजदूरों के अधिकार छीन लिए। जल, जंगल और जमीन अदानी के हवाले करने के लिए झारखंड से लेकर निकोबार तक जंगलों को उजाड़ने का आदेश केंद्र सरकार ने जारी कर दिया है। आज आदिवासियों को सरना और ईसाई में बांटा जा रहा है। इसलिए रोजी-रोजगार पर हो रहे हमलों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।
परमेश्वर महतो ने आगे कहा कि राज्य की हेमंत सरकार रोजगार और नौकरी देने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन झारखंडी जनता को रोजगार देने में विफल साबित हुई है। बेहिसाब पलायन और विस्थापन राज्य की स्थायी समस्या बन चुकी है। अपराध और भ्रष्टाचार रोकने में भी सरकार का कोई प्रभावी प्रयास नहीं दिखता।
सम्मेलन को भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य पवन महतो, बगोदर पश्चिमी पूर्व जिला परिषद सदस्य पूनम महतो, जिला कमिटी सदस्य तेजनारायण पासवान समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन के पर्यवेक्षक बगोदर उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह थे।
सम्मेलन में विदाई कमिटी की ओर से राजेश मंडल ने पूरे वर्ष के पार्टी कामकाज, पहलकदमियों और सांगठनिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की, जिस पर 16 लोगों ने बहस में हिस्सा लिया।
सम्मेलन के अंत में भाकपा माले मुंडरो पंचायत की 23 सदस्यीय कमिटी का चुनाव किया गया तथा राजेश मंडल को सर्वसम्मति से नया सचिव चुना गया। सम्मेलन में आगामी 16 जून को बालमुकुंद फैक्ट्री की तानाशाही के खिलाफ गिरिडीह में आयोजित चेतावनी मार्च तथा 28-29 जून को मधुबन में होने वाले जिला सम्मेलन को सफल बनाने की अपील भी की गई।
मौके पर पंस कौलेश्वर मंडल, उमेश मंडल, शिवशंकर महतो, बलराम कुमार, तुलिया देवी, सुमित्रा देवी, राजेश रविदास, राजू रविदास, राजू प्रसाद महतो, डेगलाल महतो, राजू कुमार, प्रदीप मंडल, सीताराम प्रसाद, कारू लाल महतो, बासुदेव विद्यार्थी, हेमंत कुमार, लालमोहन महतो, निलेश राणा, श्रवण मंडल, त्रिभुवन कोल्ह, सीताराम कुमार, देवकी देवी, बोधि महतो, गणेश पंडित, दिनेश राणा समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।