सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से करें पालन : रामनिवास यादव 

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सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से करें पालन : रामनिवास यादव

 

हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, तेज गति और नशे में वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों रोकने चलाएं विशेष अभियान

 

“गुड सेमेरिटन” के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जाकिर हुसैन को दी प्रोत्साहन राशि

डीजे न्यूज, गिरिडीह : उपायुक्त रामनिवास यादव ने सोमवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार, यातायात डीएसपी कौशर अली, वीसी से जुड़े सभी अंचलाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करें तथा नियमित रूप से निरीक्षण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा “गुड सेमेरिटन” (Good Samaritan) के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जाकिर हुसैन को प्रोत्साहन राशि के रूप में ₹2000 प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है और ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने जाकिर हुसैन को भविष्य में भी इसी प्रकार निस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता करते रहने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने iRAD (Integrated Road Accident Database) पोर्टल पर सभी सड़क दुर्घटनाओं की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर प्रभावी नीति निर्माण किया जा सके। उपायुक्त ने यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, तेज गति और नशे में वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके लिए नियमित जांच अभियान चलाने तथा आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ करें तथा जिले में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं।

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