विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
डीजे न्यूज,गिरिडीह : सीसीएल बनियाडीह क्षेत्र में अधिग्रहित जमीन के बदले मुआवजा नहीं मिलने से विस्थापित किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर रविवार को गिरिडीह प्रखंड अंतर्गत करहरबारी चुन्ना फैक्ट्री में विस्थापित मोर्चा की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता देवचरण दास ने की।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के जोनल उपाध्यक्ष दिलीप मंडल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गिरिडीह कोलियरी की शुरुआत के समय करीब 398 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसमें से 169 एकड़ जमीन के किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि करीब 60-70 परिवार पिछले 50 वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
दिलीप मंडल ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सीसीएल प्रबंधन विस्थापितों को जल्द न्याय नहीं देता, तो अब आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और स्थानीय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के प्रयास से कोलियरी फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे विस्थापितों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
झामुमो जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने भी कहा कि इतने लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और पार्टी विस्थापितों के हक की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
प्रखंड अध्यक्ष अनवर अंसारी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा विस्थापित मोर्चा के साथ मिलकर संघर्ष को आगे बढ़ाएगा। वहीं, विस्थापित मोर्चा के नेता देवचरण दास ने कहा कि सबसे पहले अंचल अधिकारी द्वारा जमीन का सत्यापन कराया जाना चाहिए और सीसीएल ओपन कास्ट में कार्यरत निजी कंपनियों को विस्थापितों की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में कई ग्रामीण एवं विस्थापित प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।