



बलियापुर विवाद : इसलहिया कमेटी ने की निष्पक्ष जांच और थाना प्रभारी के निलंबन की मांग
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : झरिया ऊपर कुलही स्थित ईदगाह मैदान में रविवार को इसलहिया कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 22 गांवों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विगत दिनों भिखराजपुर में रामनवमी जुलूस के दौरान किसी बात को लेकर दो समुदायों के बीच उत्पन्न हुए विवाद पर चर्चा करना था।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि विवाद के बाद बलियापुर थाना प्रभारी द्वारा बिना किसी जांच के निर्दोष व्यक्तियों को कमर में रस्सा लगाकर घुमाना संवैधानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है और यह आर्टिकल 21 का उल्लंघन है।
वक्ताओं ने कहा कि इसलहिया कमेटी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग राज्य सरकार से करती है। साथ ही कमेटी के सदस्यों ने धनबाद के पुलिस कप्तान प्रभात कुमार से भी उचित जांच कर निर्दोष लोगों को इंसाफ दिलाने की मांग की।
22 गांवों से आए प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद बलियापुर थाना प्रभारी द्वारा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो पूरी तरह गलत है। उनका कहना था कि थाना प्रभारी किसी एक राजनीतिक पार्टी के दबाव में आकर एक समुदाय विशेष के लोगों को प्रताड़ित कर रही हैं।
कमेटी के लोगों ने कहा कि बलियापुर की घटना में किसी प्रकार की पत्थरबाजी नहीं हुई, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत एक समुदाय के लोगों को फंसाने की साजिश की गई है। रामनवमी जुलूस के दौरान हुई घटना की कमेटी ने निंदा करते हुए राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि कई ऐसे लोगों को भी जेल भेज दिया गया है, जो घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाए।
कमेटी के लोगों ने स्पष्ट किया कि जो दोषी हैं, उनका समर्थन नहीं किया जाएगा और उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों को न्याय मिलना भी उतना ही जरूरी है।
बैठक में उपस्थित 22 गांवों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से बलियापुर थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्दोष लोगों को समय रहते न्याय नहीं मिला, तो इसलहिया कमेटी संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगी। बैठक में लगभग सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।


