



आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण समय सीमा में गुणवत्ता के साथ करें : रामनिवास यादव
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों, उनकी प्रगति, गुणवत्ता एवं समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र समाज के सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संस्थानों में से एक हैं, जहां बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल की व्यवस्था की जाती है। ऐसे में इन केंद्रों का निर्माण मजबूत, सुरक्षित और सुविधाजनक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रखंडवार आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और जिन प्रखंडों में कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां के संबंधित पदाधिकारियों से कड़े शब्दों में निर्देशित किया जल्द से जल्द निर्माण कार्य को पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी भवनों में शौचालय, पेयजल, रसोईघर, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, खेल सामग्री और स्वच्छ परिसर सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा भवन निर्माण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और एजेंसियों को निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर नियमित निरीक्षण करें और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखें। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाए रखते हुए समय-समय पर फील्ड विजिट कर स्थिति का जायजा लिया जाए। बैठक में पोषण ट्रैकर, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण मुक्त समाज बनाने की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं नियमित रूप से बच्चों और माताओं की निगरानी करें और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने वीसी के माध्यम से जुड़े सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जिला स्तर पर अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



