कतरास राजबाड़ी में चैती दुर्गापूजा की तैयारी अंतिम चरण में भक्ति सागर थीम पर आधारित है पंडाल ढाक नृत्य और भव्य सिंदूर खेला है आकर्षण का मुख्य केंद्र

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कतरास राजबाड़ी में चैती दुर्गापूजा की तैयारी अंतिम चरण में

भक्ति सागर थीम पर आधारित है पंडाल

ढाक नृत्य और भव्य सिंदूर खेला है आकर्षण का मुख्य केंद्र

डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): कतरास बाजार के राजबाड़ी में आयोजित होने वाले चैती दुर्गापूजा की महिमा अपरंपार है। यहां वर्ष 1984 से निरंतर दुर्गा पूजा का आयोजन भव्य रूप से किया जा है। इस बार भी पूजनोत्सव की तैयारी जोर-शोर से जारी है। मां की भव्य मूर्ति, आकर्षक पंडाल व विद्युत साज-सज्जा को कारीगर अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
पूजनोत्सव की विस्तृत जानकारी देते हुए आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध ढाक और भव्य सिंदूर खेला पूजा का मुख्य आकर्षण रहेगा। इस वर्ष लगभग 9-10 लाख की लागत से अखिलेश चौहान (गोधर, धनबाद) के द्वारा प्रस्तुत भक्ति सागर थीम पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। पंडाल में साधु संतों की ध्यान करते हुए मूर्तियां पंडाल को और भी आकर्षक बना रही है। विधि विधान से पूजा संपन्न कराने के लिए पश्चिम बंगाल के रघुनाथपुर से पुरोहित गौतम चक्रवर्ती, काजल चौधरी, बचन चक्रवर्ती आते हैं जबकि स्थानीय पुजारी के रूप में आशीष चक्रवर्ती सहित अन्य का योगदान रहता है।
पश्चिम बंगाल के ही वीरभूम जिला के सैंतिया के प्रसिद्ध ढाक कलाकार ढाक नृत्य करते हैं जो सबको मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
पंडाल का निर्माण तेतुलमारी के मंडल डेकोरेटर के द्वारा किया जा रहा है जबकि प्रसिद्ध मूर्ति कलाकार दुलाल पाल के द्वार मां की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। विद्युत साज सज्जा का कार्य रमेश लाइट एंड साउंड पंजाबी मोहल्ला के द्वारा किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने बताया कि पांच दिवसीय पूजा में मंगलवार षष्टमी से बेलबरनी पूजा के साथ पूजा प्रारंभ होगा। 25 से 27 अर्थात महासप्तमी, महा अष्टमी एवं महानवमी में प्रत्येक दिन संध्या में महाआरती एवं धुनुची नाच होगा। 28 मार्च विजयादशमी के दिन सुबह 9 बजे के लगभग नव पत्रिका विसर्जन होगा जिसमें ऐतिहासिक रूप से भव्य सिंदूर खेला किया जाएगा, जिसमें पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध आकर्षक झांकी देखने को मिलेगा। इसके बाद दोपहर में भव्य भंडारा का आयोजन किया जाएगा तथा रात्रि में मूर्ति विसर्जन होगा। बताया कि इस सार्वजनिक चैती दुर्गा पूजा में कतरास, सलानपुर, केशलपुर, झींझी, रामकनाली, पचगढ़ी, भट्मुरना, श्यामडीह सहित दूर दराज से लोग पूजा करने के लिए आते हैं। पूजा स्थल के आसपास सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरा, वोलेंटियर और पुलिस प्रशासन की मौजदूगी रहेगी।
प्रेस वार्ता में अध्यक्ष बिरेन दा, कोषाध्यक्ष गणेश मोदक, सचिव समीर चक्रवर्ती, सह सचिव राखोहरि पटवा, मीडिया प्रभारी अरबिन्द सिन्हा, श्रीकांत चटर्जी, पंकज सोनार, रिंटू बनर्जी, सच्चिदानंद उपाध्याय, चंदन दा, आशीष चटर्जी, राजू दे, विष्णु अग्रवाल, तपन घोषाल, मधुसूदन दा, दिगु हलदार, बबलू चंद्र, नेपाल चटर्जी, गोलू हलदार, जय चटर्जी, सिकंदर चक्रवर्ती, मनीष पटवा, पप्पू लोहार, विनय बनर्जी, सुरेंद्र रवानी, सौरभ पटवा, लखीकांत दा, रॉबिन पटवा, विजय मोदक, रजत मोदक, रिंकू बाऊरी, राजा मुखर्जी, सरोज दे, अमित राणा, संजय स्वर्णकार आदि उपस्थित थे।

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