फास्ट फूड स्टॉल, ठेला एवं खाद्य विक्रेताओं के लिए लाइसेंस अनिवार्य : रामनिवास यादव
झोला छाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं, ऐसे अवैध चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
डीजे न्यूज, गिरिडीह : उपायुक्त रामनिवास यादव ने गिरिडीह प्रखण्ड अंतर्गत ग्राम-बजटो में गुपचुप सेवन से घटित घटना एवं संपूर्ण प्रकरण की समीक्षा तथा अग्रेतर कार्रवाई को लेकर बैठक की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में ठेला, खोमचा एवं अन्य अस्थायी दुकानों पर बिकने वाले गुपचुप, चाट, छोला, फास्ट फूड एवं अन्य खाद्य सामग्री विक्रेताओं के लिए FSSAI का लाइसेंस अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित रूप से खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपल कलेक्शन एवं टेस्टिंग की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया, दूषित तत्व एवं अन्य स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों की जांच समय-समय पर सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि दूषित पानी भी कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। इसलिए प्रत्येक क्षेत्र में पेयजल स्रोतों की टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। इसके लिए मोबाइल टेस्टिंग व्हीकल का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि सुदूर क्षेत्रों में भी त्वरित जांच संभव हो सके। इसके अलावा उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में संचालित सभी फास्ट फूड स्टॉल, ठेला एवं खाद्य विक्रेताओं को भी FSSAI का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। साथ ही साफ-सफाई, स्वच्छ जल एवं हाइजीन के मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वच्छता एवं व्यक्तिगत हाइजीन पर विशेष ध्यान दें तथा खुले एवं अस्वच्छ स्थानों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी की स्थिति में झोला छाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं। ऐसे अवैध चिकित्सकों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लोगों से सहिया, सेविका एवं सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से संपर्क कर सरकारी अस्पतालों एवं अधिकृत चिकित्सकों से इलाज कराने की अपील की। साथ ही आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस सेवा पर संपर्क करने को कहा, ताकि समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उपायुक्त ने 108 एम्बुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों को जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित भोजन, स्वच्छ पेयजल एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी,गिरिडीह, सिविल सर्जन, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग, प्रखंड विकास पदाधिकारी गिरिडीह, अंचल अधिकारी गिरिडीह समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।