गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल: जपला में रोजेदारों के लिए इफ्तार दावत का आयोजन

Advertisements

गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल: जपला में रोजेदारों के लिए इफ्तार दावत का आयोजन

डीजे न्यूज़, हुसैनाबाद,पलामू : 

रमजान का पवित्र महीना रहमतों और बरकतों का महीना माना जाता है। इस्लामी मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति सच्चे मन से रोजा रखता है और रमजान के नियमों का पालन करता है, अल्लाह उसके गुनाह माफ कर देते हैं। इस महीने में की गई इबादत और नेक कामों का 70 गुना सवाब मिलता है। इस्लाम धर्म में हर बालिग पर रोजा फर्ज माना गया है।

रोजा से आपसी भाईचारा बढ़ता है और ऊंच-नीच की भावना समाप्त होती है। रोजा सुबह फज्र की नमाज के बाद शुरू होकर सूर्यास्त के समय इफ्तार के साथ समाप्त होता है। इफ्तार से पहले दुआ पढ़ी जाती है और खजूर या पानी से रोजा खोला जाता है, उसके बाद नमाज अदा कर हल्का भोजन किया जाता है।

इसी भावना से प्रेरित होकर सेवानिवृत्त शिक्षक जनाब शकील अहमद एवं प्रधानाध्यापक इकबाल अहमद, जो अजाप्टा हुसैनाबाद के प्रमुख सदस्य हैं, ने अपने जपला सीमेंट फैक्ट्री “देवरी कला” स्थित आवास पर 05 मार्च 2026, गुरुवार को रोजेदारों एवं शिक्षक साथियों के लिए इफ्तार पार्टी का आयोजन किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए, जो आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करता दिखा। अजाप्टा हुसैनाबाद के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त शिक्षक जुबैर अंसारी तथा सचिव निर्मल कुमार के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर राजेश कुमार गुप्ता, सुरेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार सिंह, जितेंद्र राम, सुदेश कुमार सुमन, रंजीत कुमार, मनोज कुमार चौधरी, सैय्यद शाने अहमद, महेंद्र बैठा, बीआरसी कर्मी सन्नी जी, मुखिया मनोज कुमार, समाजसेवी भोला विश्वकर्मा, आलमगीर आलम, पूर्व वार्ड पार्षद मजहर अंसारी, मोसिन खान, इमरान खान, बब्लू अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बताया जाता है कि लगभग दो सप्ताह पूर्व शकील अहमद सपत्नीक उमरा कर लौटे हैं। इफ्तार कार्यक्रम में सभी ने रोजा खोलकर देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top