युवाओं के नवाचार को मिलेगा उड़ान सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज से तकनीक विकसित करने का अवसर

युवाओं के नवाचार को मिलेगा उड़ान
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज से तकनीक विकसित करने का अवसर
सिंफर में सेवा संकल्प अभियान के तहत ईस्टर्न जोन कार्यक्रम आयोजित, चयनित प्रतिभागियों को वित्तीय सहायता और प्रयोगशाला की सुविधा मिलेगी
डीजे न्यूज, धनबाद : युवाओं के नए विचारों को तकनीक में बदलने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और समाजोपयोगी समाधानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को सीएसआईआर–सीआईएमएफआर (सिंफर), धनबाद परिसर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 (ईस्टर्न जोन) से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धनबाद के विधायक राज सिन्हा, सिंफर के निदेशक प्रो. अरविन्द कुमार मिश्रा सहित वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी, रिसर्च अध्येता और एसीएसआईआर के अध्येता उपस्थित थे। इस अवसर पर श्रवण राय, मिल्टन पार्थ सारथी (जिला संयोजक, सेवा फर्स्ट इनोवेशन), हुलास दास एवं मनोज कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ हुई। इसके बाद सीएसआईआर–सीआईएमएफआर के वैज्ञानिक-जी डॉ. मुरारी प्रसाद राय ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 (ईस्टर्न जोन) की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी।
विचारों को तकनीक में बदलने का मिलेगा अवसर
सिंफर के निदेशक प्रो. अरविन्द कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विद्यार्थियों को अपने नवाचार एवं तकनीकी विचारों को वास्तविक तकनीक में बदलने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। इस पहल में आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत चयनित प्रतिभागियों को अपने विचारों को तकनीक के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रयोगशाला और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने और समाज की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि शोध का उद्देश्य केवल शोधपत्र प्रकाशित करना या पेटेंट हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी तकनीक विकसित करना होना चाहिए, जिसका व्यावसायिक उपयोग हो सके और समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिले। दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान में नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। जल शुद्धिकरण, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और चिकित्सा उपकरणों के स्वदेशी विकास जैसे क्षेत्रों में नई तकनीकों की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिक से अधिक विद्यार्थियों से इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने तथा वैज्ञानिकों और मार्गदर्शकों के सहयोग से अपने विचारों को विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से युवा नवाचारकों को अपने विचारों को समाजोपयोगी तकनीक में बदलने के नए अवसर मिलेंगे।
विद्यार्थियों को नवाचार के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर–सीआईएमएफआर की वैज्ञानिक-ई डॉ. पल्लवी दास ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को इस पहल में भाग लेने और अपने नवाचार संबंधी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की अहम भूमिका : राज सिन्हा
धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने आयोजन के लिए सिंफर के निदेशक और संस्थान के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं, वैज्ञानिकों और नवाचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज युवाओं को अपने विचारों और नवाचारों के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और सामान्य परिवेश से भी बड़े विचार और प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं। जरूरत है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए प्रयोग करने के लिए उचित मंच तथा अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्वदेशी तकनीक, स्टार्टअप, एमएसएमई और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से देश की तकनीकी एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने पर जोर दिया।
राज सिन्हा ने विद्यार्थियों को अपने नवाचारों पर गंभीरता से काम करने के लिए प्रेरित करते हुए आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर वे और उनकी टीम हरसंभव सहयोग देने के लिए तत्पर रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं के प्रयास भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और वैश्विक स्तर पर देश की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। अंत में उन्होंने सीएसआईआर–सीआईएमएफआर और सभी प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
125 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में कुल 125 प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सीएसआईआर–सीआईएमएफआर के वैज्ञानिक-ई डॉ. अपूर्व सिंह महापात्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top