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जिला परिषद की 10 दुकानें दी जाएगी किराए पर
26 मई को है नीलामी
डीजे न्यूज, धनबाद: जिला परिषद की गोल्फ ग्राउंड फायर ब्रिगेड स्टेशन के पास की 6 एवं गोल्फ ग्राउंड पानी टंकी के पास की 4 दुकानों को खुले डाक के माध्यम से उच्चतम बोली लगाने वाले को अस्थाई रूप से आवंटित की जाएगी।
इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने बताया कि जिला परिषद की गोल्फ ग्राउंड फायर ब्रिगेड स्टेशन के पास 132 स्क्वायर फीट की 6 दुकान को 2112 रुपए प्रति माह तथा गोल्फ ग्राउंड पानी टंकी के पास 110 स्क्वायर फीट की 4 दुकानों को 1760 रुपए प्रति माह किराए पर खुले डाक के माध्यम से 11 माह के एग्रीमेंट के आधार पर उच्चतम बोली लगाने वाले को अस्थाई रूप से आवंटित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्रों की बिक्री एवं डाक में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति जिला परिषद कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। वहीं आवेदन पत्र जिला परिषद कार्यालय से एक हजार रूपए नगद या डिमांड ड्राफ्ट जमा कर 22 मई तक (कार्यालय दिवस में) कार्यालय अवधि तक प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन पत्र 23 मई तक (कार्यालय दिवस में) कार्यालय अवधि में जिला परिषद कार्यालय धनबाद में पूरा ब्यौरा के साथ जमा कर सकते हैं। जिसमें नीलामी की न्यूनतम सुरक्षित जमा राशि का बैंक ड्राफ्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, चरित्र प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड की स्वअभीप्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करना अनिवार्य है।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि उक्त सभी दुकानों के लिए नीलामी की तथि 26 मई निर्धारित की गई है। बताया कि सभी 10 दुकानों की सुरक्षित जमा राशि 1.50 लाख रुपए है। जबकि नीलामी की न्यूनतम सुरक्षित जमा राशि 7500 रुपए है।
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पूरानी योजना करें पूर्ण, तभी नई योजना होगी स्वीकृत
धनबाद: उपायुक्त आदित्य रंजन ने विभिन्न विभागों में डीएमएफटी से कार्यान्वित योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने देखा कि कई विभाग द्वारा विगत दो-तीन वर्षों में ली गई योजना का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण संबंधित एजेंसी को कोई नया काम नहीं दिया जाएगा। साथ में संबंधित प्रखंड में जब तक पुरानी योजना पूरी नहीं होती तब तक नई योजना स्वीकृत नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रखंड कार्यालयों में जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और मुखिया की उपस्थिति में प्रखंड वार मेगा शिलान्यास समारोह का आयोजन कराकर योजनाओं का शुभारंभ कराया जाएगा।
समीक्षा के क्रम में यह भी देखा गया कि दो-चार लोगों के विरोध के कारण योजना अधूरी एवं लबित है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए दंडाधिकारी की मांग की जाती है। इस अवरोध को दूर करने तथा योजना को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित अंचल के अंचल अधिकारी को ही दंडाधिकारी का दायित्व देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सभी अंचल अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह डीएमएफटी की योजनाओं की समीक्षा करने, भवन प्रमंडल एवं विशेष प्रमंडल के सभी कनीय अभियंताओं की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने, जुलाई महीने के अंत तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा करने, सभी अंचलों में अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में भूमि सबंधित मामलों को लेकर बैठक करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में भवन निर्माण, लघु सिंचाई, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल एक एवं दो, पेयजल एवं स्वच्छता यांत्रिक प्रमंडल, पथ प्रमंडल, विद्युत कार्य, धनबाद नगर निगम, चिरकुंडा नगर परिषद, शिक्षा, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन के अलावा सभी विभागीय पदाधिकारी तथा डीएमएफटी पीएमयू टीम मौजूद रहे।
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आवास योजना में प्रगति लाने का दिया निर्देश
धनबाद: उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने शनिवार देर शाम सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक एवं पंचायत सचिव के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवास योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने प्रधान मंत्री आवास योजना में प्रथम किस्त प्राप्ति के विरुद्ध खिड़की स्तर तक कार्य न करने वालों पर कार्रवाई करते हुए लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति लाने का निदेश दिया। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले 25 पंचायत सेवक के कार्य की समीक्षा की। इस क्रम में पूर्वी टुंडी के मोहालीडीह, रघुनाथपुर एवं रामपुर, तोपचांची के चैता एवं सिंहदाहा के पंचायत सेवक की असंतोषजनक प्रगति के लिए उन्हें शोकॉज करने का निदेश दिया।
वहीं अबुआ आवास योजना में प्रथम किस्त प्राप्ति के विरुद्ध वित्त वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में प्लिंथ स्तर का कार्य नहीं करने वाले पर कार्रवाई करते हुए प्रगति लाने का निदेश दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को क्षेत्र भ्रमण करने, आवास योजना में लंबित आवासों को पूर्ण करने एवं कार्य में प्रगति न लाने वाले पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने तथा कार्य न किए जाने वाले मामले में राशि वापस कराने का भी प्रखंडों को निदेश दिया।