उसरी नदी से बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा पाइपलाइन बिछाने पर ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन से वार्ता

उसरी नदी से बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा

पाइपलाइन बिछाने पर ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन से वार्ता
डीजे न्यूज, गिरिडीह : उसरी नदी से बालमुकुंद फैक्ट्री तक पाइपलाइन बिछाने के कार्य को लेकर शनिवार को चतरो मोड़ के समीप ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। जिला प्रशासन की मौजूदगी में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होने पर लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और प्रशासन से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

प्रशासन ने ग्रामीणों को बताया कि पथ निर्माण विभाग की ओर से बालमुकुंद फैक्ट्री को आवश्यक अनुमति दी गई है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा कार्य के संबंध में उच्च अधिकारियों को आवेदन भी दिया गया है। प्रशासन का कहना था कि किसी प्रकार का विवाद या झड़प न हो, इसलिए पुलिस बल और प्रशासनिक टीम की तैनाती की गई है तथा शांतिपूर्ण माहौल में कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है।

विरोध कर रहे ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिस फैक्ट्री की स्थापना में स्थानीय लोगों ने सहयोग किया, वही अब उसरी नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए अपने संयंत्र तक ले जाने का कार्य कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास राय, शुभांकर गुप्ता, अरुण साव, अनुज राय, स्वामीनाथ राय, रंजीत राय, सागर राय और आदर्श साव समेत अन्य ने प्रशासन से इस योजना की जानकारी और इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए।
मौके पर पहुंचे माले नेता राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय तथा असंगठित मजदूर मोर्चा के मसूदन कोल, पवन यादव, भीम कोल, शनिचर कोल और मोहन कोल ने प्रशासन के साथ वार्ता की। राजेश सिन्हा ने कहा कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद उसरी नदी का पानी फैक्ट्री तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है और यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले में कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जाएगा।
कन्हाई पांडेय और शुभांकर गुप्ता ने कहा कि गंगापुर, चतरो सहित कई गांवों से पाइपलाइन गुजर रही है, लेकिन ग्रामीणों को इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई है। उनका आरोप था कि जल, जंगल और जमीन की बात करने वाले लोग ही इस परियोजना का समर्थन कर रहे हैं।
विजय विशाल, विकास राय और अरुण साव ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने कुछ स्थानीय लोगों को अपने पक्ष में कर लिया है, जबकि इसका असर भविष्य में ग्रामीणों को झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
प्रशासन के साथ हुई वार्ता में अजय कुमार, विजय विशाल, पिंटू मल्लाह, मुरारी राय, भोला राय, संदीप गुप्ता, नकुल साव, रामरतन राय, प्रदीप कोल, जपला कोल, फागू यादव, रॉकी गुप्ता, राहुल शर्मा, गणेश राय, पवन यादव, अशोक राय, मेघलाल राय सहित कई ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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