उपायुक्त ने बेलगड़िया में विकास कार्यों का किया निरीक्षण
परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का दिया निर्देश
डीजे न्यूज, धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने रविवार को बेलगड़िया टाउनशिप का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बेलगड़िया के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने फेज-1, फेज-2 एवं फेज-3 के आवासीय क्वार्टरों की मरम्मत शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया ताकि विस्थापित परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही नई दुकानों के निर्माण तथा श्मशान एवं कब्रिस्तान के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने क्षेत्र में प्रस्तावित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंतरिक सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण, सामुदायिक भवनों के निर्माण, आरएसपी कॉलेज के उन्नयन, ई-बस चार्जिंग स्टेशन एवं बस स्टैंड, 16 जलमीनारों के निर्माण, मेगा स्किल सेंटर एवं उसके आवासीय छात्रावास, पीसीसी फ्लोरिंग, सिंदरी से बेलगड़िया तक सतत पेयजलापूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं विद्यालयों के उन्नयन सहित अन्य आधारभूत संरचना संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने बेलगड़िया टाउनशिप की चहारदीवारी एवं तोरण द्वार निर्माण, तालाब के जीर्णोद्धार, खेल मैदान, प्रशिक्षण शेड, कैटल शेड, शैक्षणिक संस्थानों के लिए फर्नीचर एवं उपकरण उपलब्ध कराने, जन औषधि केंद्र, प्रशासनिक भवन, ई-रिक्शा आधारित शव वाहन एवं एंबुलेंस, जीप आधारित अग्निशमन वाहन, कमर्शियल पोल्ट्री फार्मिंग, विस्थापित परिवारों को डीबीटी के माध्यम से मुआवजा वितरण तथा बेलगड़िया एवं करमाटांड़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग जैसी योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली।
उपायुक्त ने कहा कि बेलगड़िया टाउनशिप को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित एवं आधुनिक पुनर्वास नगर के रूप में विकसित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जेआरडीए व अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।